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आपके स्मार्टफ़ोन के बारे में असली मुद्दा - उपयोग या दुरूपयोग - सृष्टि अस्थाना

मुझे यकीन है कि आप में से अधिकांश ने उन लेखों को पढ़ा या देखा है जो ये बताते हैं कि आपके स्मार्टफ़ोन आपके जीवन को कैसे बर्बाद कर रहे हैं। स्मार्टफ़ोन के इस्तेमाल के कारण हमारी स्लीप साइकल खराब हो रही है और हम बेसमय सो और जाग रहे है जो हमारी सेहत के लिए बहोट हानिकारक है



कई लोगो में नर्व के क्षति की शिकायते सामने रही है। विघटन जैसे कई मुद्दे हैं मोबाइल फोन की स्क्रीन पे टॉयलेट सीट से भी ज़्यादा अधिक बैक्टीरिया पाया जाता है हानिकारक विकिरण, आंखों की दृष्टि से कमजोर कर रहे है  इंटरनेट पे मोबाइल के बारे में इतनी सारी जानकारी होने के कारण हम बहुत ज्यादा जानते हैं पर हम यह नहीं जानते कि क्या गंभीरता से लेना है और क्या अनदेखा करना है ।


2011 में 10 विभिन्न देशों के 1000 छात्रों पर एक अध्ययन किया गया, छात्रों को 24 घंटे के लिए सेलफोन, सोशल नेटवर्किंग और उनके लैपटॉप से बचने के लिए कहा गया। यह पाया गया कि ज्यादातर असफल रहे और इस 24 घंटे की अवधि के दौरान अलग-थलग, भ्रमित और शारीरिक रूप से व्यथित महसूस करते पाए गये
यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा क्यों है और यह आपकी सेहत और जीवन को कैसे प्रभावित करता है, यहां कुछ सवाल हैं जिनको आपको खुद से पूछना चाहिए-

1     क्या मैं अपने फोन के बिना एक घंटे तक रह सकता हूं? आप इस सवाल का जवाब देते वक़्त अपने आप से        झूठ मत बोलिए क्योंकि आप किसी और को नही बल्कि खुद को बेवकूफ बना रहे हैं
2     क्या कुछ ऐसा है जो मैं खुद को मोबाइल पर व्यस्त रखकर भागने की कोशिश कर रहा हूं?
   उदाहरण के लिए। यह एक नकारात्मक भावना, एक विचार जो मुझे परेशान कर रहा है आदि हो सकता है।
3    क्या जब मैं अपने फोन का उपयोग नहीं कर रहा हूं, तो क्या मैं खोया खोया लग रहा हूं?
                                        


 
आत्मनिरीक्षण समझने की कुंजी है 
सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि क्या हमारे पास हमारे जीवन की वास्तविक और महत्वपूर्ण बातों के लिए गुणवत्ता का समय नहीं है हम खुद को अब सोचने की अनुमति नहीं देते हैं हमे क्यों अपने विचारो के साथ अकेले रहने में डर लगने लगा है

महत्वपूर्ण प्रश्न यह है की अपने आप को अपने बारे में सोचने की अनुमति देने के बारे में सोचें

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