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रोजगार और ध्रुवीकरण सबसे बड़ी समस्या  

न्यूजर्सी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने स्वीकार किया कि यूपीए सरकार हर रोज 30,000 नई नौकरी देने में नाकाम रही, लेकिन बीजेपी नीत एनडीए की मौजूदा सरकार भी इस मोर्चे पर फेल है। राहुल का कहना है कि भारत में मोदी और अमेरिका में ट्रंप के उदय की वजह नौकरी का अभाव रहा।
राहुल ने कहा, जो लोग यूपीए सरकार के दौरान नौकरी नहीं मिलने से नाराज हुए, वही लोग अब इस मुद्दे पर मोदी सरकार से नाराज हैं। भारत में अब लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ये बातें न्यूजर्सी स्थित प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के वूडरो विल्सन स्कूल में छात्रों और शिक्षकों से बातचीत के दौरान कही। राहुल ने ये भी स्वीकार किया है कि नौकरी नहीं दे पाना यूपीए सरकार की नाकामी थी और इसी वजह से मोदी का उदय हुआ। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, मोदी के लोकप्रिय होने की असल वजह यही थी- और यही वजह ट्रंप के भी जीतने की है। दोनों देशों में नौकरी का सवाल बड़ा है।
यूनिवर्सिटी में छात्रों से बातचीत करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत में ध्रुवीकरण की राजनीति हो रही है, जो इस वक्त की सबसे बड़ी समस्या है। राहुल ने कहा, कई राज्य भी इस तरह के एजेंडे के विरोध में हैं। अल्पसंख्यक भी खुद को इस माहौल में अलग पाते हैं। जो बेहद खतरनाक है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की वर्तमान सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी पर्याप्त बजट नहीं दे पा रही है। इसी कार्यक्रम में राहुल ने भारत और चीन के रिश्तों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, भारत और चीन के प्रदर्शन से यह निर्धारित होगा कि दुनिया आधारभूत रूप से किस तरह नया रूप लेगी।  राहुल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच गहरा तालमेल है। राहुल गांधी ने आगे कहा, बड़ी संख्या में दो तरह का प्रवास हो रहा है, पहला पूरी तरह स्वतंत्र है और दूसरा पूर्णत: नियंत्रित। प्रशासन का ताना बाना इससे अलग-अलग तरीके से निपटता है। भारत और चीन दो बड़े देश हैं जो खेती करने वाले देशों से आधुनिक शहरी मॉडल देश बन रहे हैं और यह विश्व जनसंख्या का बड़ा हिस्सा है।
उन्होंने कहा, कैसे ये दोनों देश मूल रूप से दुनिया को नया आकार देने जा रहे हैं। मुझे यह नहीं कहना कि चीन लोकतांत्रिक है या नहीं। उन्होंने अपना रास्ता चुना है और हमने अपना रास्ता चुना है।
गांधी ने कहा, दुनिया के दो सबसे बड़ी आबादी वाले देशों के बीच सहयोग और प्रतिस्पर्धा है। हमें यह देखना है कि कैसे हम रोजगार लाएं। असल में हमें चीन से मुकाबला करना है। उन्होंने कहा कि भारत का प्रदर्शन बेहतर नहीं है।

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