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चंडीगढ़। हनीप्रीत इंसा के आगे बेबस हरियाणा पुलिस ने चेतावनी दी है कि या तो वह सरेंडर कर दे नहीं तो उसको भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा।
हनीप्रीत दिल्ली हाईकोर्ट में राहत मांगने गई थी, लेकिन वहां से खाली हाथ लौटने के बाद हनीप्रीत किसी और कोर्ट का दरवाजा खटखटाने नहीं पहुंची। एडीजीपी मोहम्मद अकील ने कहा है कि हनीप्रीत सरेंडर कर दे।अगर वह ऐसा नहीं करती है तो उसे भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा।
राम रहीम के जेल जाने के बाद से हनीप्रीत का कुछ अता पता नहीं है। वो लगातार अपने ठिकाने बदल रही है। उसके मामा का दावा है कि हनीप्रीत बिल्कुल शातिर नहीं है। ऐसे में वो अकेली नहीं छिप सकती। इसलिए ये सवाल खड़ा होना लाजमी है कि हनीप्रीत को कौन बचा रहा है?
हनीप्रीत के वकील प्रदीप आर्या के दिल्ली के लाजपत नगर आॅफिस में दिल्ली पुलिस की टीम जांच में जुटी है। हनीप्रीत के वकील ने खुद दावा किया था कि दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल करने के लिए हनीप्रीत बुर्के में उनके आॅफिस आई थी। हनीप्रीत के आॅफिस से निकलने के बाद प्रदीप आर्या भी हनीप्रीत के पीछे भागते नजर आए थे। 26 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट में हनीप्रीत की जमानत अर्जी खारिज होने के बाद कल दिल्ली पुलिस ने प्रदीप आर्या के घर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाला था।
हनीप्रीत 25 अगस्त से फरार है। उसी दिन राम रहीम गिरफ्तार हुआ और पंचकूला में हिंसा फैली। पंचकूला में हिंसा को लेकर हनीप्रीत पर गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने हनीप्रीत पर जो धाराएं लगाई हैं, उसमें 121 अ सबसे गंभीर है। 121 अ देशद्रोह की धारा है और इसके तहत दोषी ठहराए जाने पर 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
वहीं धारा 120 इ में हनीप्रीत को आपराधिक साजिÞश रचने का भी आरोपी बनाया गया है। धारा 145, 150, 151, 152 दंगों से जुड़ी धाराएं हैं, जिसमें हनीप्रीत पर लोगों को भड़काने, हिंसा के लिए उकसाने, लालच देकर दंगा कराने और शासकीय काम में अड़चन पैदा करने का आरोप है। जबकि धारा 153 में हनीप्रीत पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा है।

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