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बिजिंग। ब्रिक्स देशों ने ग्लोबल टेररिज्म पर चिंता जाहिर करते हुए इससे लड़ने का संकल्प लिया है। ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। चीन के श्यामेन प्रांत में 9वें ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत हो गई है।
भारत की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन में शामिल हुए हैं। इस समिट के घोषणा पत्र में ब्रिक्स में शामिल पांचों देशों के नेताओं ने क्षेत्र में तालीबान, अल कायदा और इसे जुड़े आतंकी संगठनों द्वारा फैलाए जा रहे आतंकवाद और हिंसा पर चिंता जाहिर की। समिट के घोषणापत्र में जैश ए मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों का भी जिक्र किया गया है। घोषणा पत्र में लिखा है, हम विश्वभर में हो रही आतंकी घटनाओं की, चाहे वह कोई भी कर रहा हो, निंदा करते हैं।
पहले दिन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी ने अपने-अपने भाषण में कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति और विकास के लिए आपसी सहयोग जरूरी है। दोनों ही नेताओं ने डोकलाम विवाद पर कोई बात नहीं की।
समिट में सभी देशों से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया में कई बदलाव हो रहे हैं ऐसे में ब्रिक्स कॉपोर्रेशन अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय मुद्दों पर हमारे मतभेदों को बावजूद हम पांच देश विकास के लिए एक मंच पर आए हैं। हमें एकमत होना चाहिए, अंतरराष्ट्रीय शांति और विकास के मुद्दों पर हम अपने समाधान एक साथ दे सकते हैं।
उन्होंने कहा, पूरी दुनिया से बेहतर संबंध स्थापित करने की दिशा में यह आवश्यक है कि हम पांचों देश ग्लोबल गवर्नेंस में अधिक सक्रियता के साथ हिस्सा लें। कई ग्लोबल चैलेंज ऐसे हैं जिनका हमारी भागेदारी के बिना समाधान नहीं हो सकता है।
पीएम मोदी ने कहा, भारत गरीबी से लड़ रहा है। हम गरीबी मिटाने, लोगों के लिए स्वास्थ्य, सफाई, कौशल, फूड सिक्योरिटी, जेंडर इक्वालिटी, ऊर्जा और शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अभियान चला रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने के लिए एनडीबी की तरफ से लोन मिलना शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत सहभागिता ही विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा ब्रिक्स देश आईएसए के साथ काम कर सोलर एनर्जी एजेंडा को मजबूत बना सकते हैं।

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