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गाजियाबाद में सीएनजी गैस प्लांट की जमीन तलाश रही है सरकार

एक बड़ा नेता बिचौलिया की अदा कर रहा है भूमिका

अजय औदीच्य
गाजियाबाद। हाॅट सिटी कहे जाने वाले गाजियाबाद में एक बड़े घोटाले की जमीन तैयार की जा रही है। चर्चा है कि इस घोटाले में केन्द्रीय पैट्रोलियम मंत्रालय के आला अफसरों की मिलीभगत और सत्ता के गलियारों में मजबूत पकड़ रखने वाले एक बड़े नेता की बिचैलिया की भूमिका में है और कौड़ी की जमीन अरबों रुपए में बेचे जाने का तानाबाना बुना जा रहा है। दर्जी से अरब-खरबपति बने गाजियाबाद शहर के एक कारोबारी की इस जमीन को सीएनजी गैस प्लांट के लिये खरीदे जाने की लगभग तैयारी हो चुकी है।
दरअसल, पिछले दिनों पैट्रोलियम मंत्रालय की ओर से गाजियाबाद में सीएनजी गैस प्लांट के लिये तकरीबन पांच-छह बीघा जमीन जुटाने के लिये विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद जाहिर तौर पर कुछ जमीनदार लोग सक्रिय हो गए। केन्द्र सरकार में पैठ रखने वालों से उन्होंने सम्पर्क साधना शुरू कर दिया। बेशक केन्द्र में ईमानदारी का संकल्प लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार है, लेकिन मंत्रालयों में आला अफसरों के रवैये में मोदी की धमक का कितना असर है, इसका प्रमाण इस विज्ञापन के छपने के बाद साफ दिखाई दे रहा है। जमीन के लिये पेशकश आते ही अफसरों और बिचैलियों की लार टपकने लगी है और जमीनदार अपनी बेकार पड़ी जमीनों से सोना निकालने की कोशिश मंे लग गए हैं।
बहरहाल ट्रांस हिन्डन इलाके में आधा दर्जन जमीनदारों ने अपनी जमीन पैट्रोलियम मंत्रालय को देने की पेशकश की है, लेकिन इनमें से हापुड़ से यहां बसे एक बड़े कारोबारी ने सत्ता के गलियारों मंे धमक रखने वाले एक बड़े नेता के जरिये अपनी उस जमीन को लेने के लिये मंत्रालय के आला अधिकारी को राजी कर लिया बताया गया है जो बाजार में कौड़ी की नहीं है। बल्कि अगर उस जमीन पर सीएनजी गैस प्लांट लग गया तो भविष्य में योजना पर एनजीटी की मार पड़ना तय होगा। चर्चा है कि मंत्रालय में पैरोकारी करने के एवज में बिचैलिये नेता से कई करोड़ रुपए देना तय हुआ है। बताया गया है कि मंत्रालय के सम्बंधित आला अफसर से हां होेने के बाद इस जमीन को समतल किये जाने का काम शुरू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि जिस जमीन को लेकर सौदा पक्का होना तय हुआ है, उसका बाजार भाव 35 से 40 हजार रुपए वर्ग फुट है। लेकिन पैट्रोलियम मंत्रालय के मार्केटिंग विभाग ने इसकी कीमत 60 हजार रुपए के हिसाब से आंकी हुई है। यहां यह बताना जरूरी है कि दस्तावेजों में जमीन का भुगतान 70 हजार रुपए की दर से दिया जाना तय हुआ है। चर्चा है कि दस हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से रकम बिचैलिये और अधिकारियों के बीच बंदरबांट होना निश्चित हुआ है। जो भी हो, जिस खरबपति कारोबारी की जमीन का सौदा होने जा रहा है, उसे लेकर कुछ लोग एनजीटी में अपील करने की तैयारी मंे लग गए हैं। इन लोगों का कहना है कि इस जमीन पर सीएनजी गैस प्लांट लग ही नहीं सकता। सिर्फ सीएनजी गैस प्लांट ही क्यों, कोई भी पक्का निर्माण करना गैरकानूनी होगा। कुल मिलाकर आने वाले वक्त में यह मामला सुर्खियां बटोरने वाला होगा और कई चेहरे बेनकाब होते नजर आएंगे।

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