0

भारत-जापान के बीच 15 समझौतों पर हस्ताक्षर

अहमदाबाद। भारत और जापान ने आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। एक साझा बयान जारी कर नरेंद्र मोदी और शिंजो आबे ने पाकिस्तान से मुंबई हमले और पठानकोट के गुनहगारों को सजा देने को कहा है। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ जापान इंडिया कंसल्टेशन को आगे बढ़ाने की बात कही है।
साझा बयान में आतंकी संगठनों अलकायदा, आइएसआइएस, जैश ए मोहम्मद और लश्कर तैयबा के खिलाफ आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।
दोनों नेताओं ने सुरक्षा और मैरीटाइम के क्षेत्र में पाइरेसी से मुकाबले को लेकर अपनी वचनबद्धता को दोहराया। इसके अलावा सुमद्री डाकुओं से लड़ने और अन्य तरह के संगठित अपराध से निपटने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैकेनिज्म बनाने की बात कही है।
मोदी और आबे ने कड़े शब्दों में उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार बनाने और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम की आलोचना की। दोनों नेताओं ने हाल ही में 3 सितंबर को नॉर्थ कोरिया की ओर से किए गए न्यूक्लियर टेस्ट का भी जिक्र किया।
भारत और जापान ने उत्तर कोरिया के न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम का समर्थन करने वाले सभी पक्षों की जवाबदेही तय करने की बात कही है। दोनों देशों ने नॉर्थ कोरिया से जल्द से जल्द इसे रोकने को कहा है।
मोदी-आबे ने साझा बयान में आतंकवाद और चरमपंथी हिंसा के खिलाफ मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बनाने की बात कही है। इसमें इंफॉर्मेशन और इंटेलिजेंस साझा किए जाने की भी बात है। इस बारे में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रूप से गहन सहयोग की बात है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिंजो आबे के साथ साझा बयान में कहा कि जापान हमारे लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट एक लैंडमार्क प्रोजेक्ट है। भारत और जापान के रिश्तों में कम्युनिकेशन बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, जापान के मेरे पिछले दौरे पर हमने न्यूक्लियर सप्लाई समझौते पर हस्ताक्षर किए। क्लीन एनर्जी और क्लाइमेट चेंज के लिए हमारा प्रयास बहुत ही महत्वपूर्ण है। जापान ने 2016-17 में 4.7 बिलियन डॉलर भारत में निवेश किया है, जोकि पिछले साल के मुकाबले 80 प्रतिशत ज्यादा है। यह दोनों देशों के बीच विश्वास के स्तर को दिखाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया पोस्ट और जापान पोस्ट के बीच कूल बॉक्स सर्विस शुरू करने का प्रस्ताव दिया। इसके जरिए भारत में रह रहे जापानी लोग अपने देश से पसंदीदा भोजन मंगा सकेंगे।
भारत और जापान के बीच 15 समझौते हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री ने जापान की फूड इंडस्ट्री से भारत में अपने रेस्टोरेंट खोलने का आह्वान किया और कहा कि भारत खुद को बदल रहा है। इसके लिए हमने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बिजनेस को आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आज जिन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। मैं उनका स्वागत करता हूं।

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top