0

18 महीने से इस्लामिक स्टेट ने बना रखा था बंधक

नई दिल्ली। केरल के ईसाई धर्मगुरु फादर टॉम उजुन्नलिल को रिहा करा लिया गया है। वे अदन में रह रहे थे, जहां से 18 महीने पहले कुख्यात अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन आइएस ने उन्हें बंधक बना लिया था।
फादर टॉम को मार्च 2016 में बंधक बनाया गया था। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर फादर टॉम की रिहाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि फादर टॉम को नाजुक हालत में आईएस के चंगुल से छुड़ाया गया और उन्हें ओमान ले जाया गया है।
फादर टॉम को ओमान सरकार के हस्तक्षेप के बाद आईएस के चंगुल से छुड़ाया गया। ओमान सरकार ने आॅनलाइन स्टेटमेंट जारी कर कहा है, बादशाह सुल्तान काबूस बिन सईद के आदेश और वेटिकन से मिले अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए और यमन सरकार के सहयोग से वेटिकन सरकार के एक कर्मचारी को छुड़ा लिया गया है। उन्हें उनके घर भेजने की तैयारियों के तहत आज सुबह उन्हें मस्कट भेज दिया गया।
फादर टॉम की आईएस के चंगुल से रिहाई की खबर पर केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने पर खुशी व्यक्त की है। विजयन ने मलयालम में किए गए अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है, आतंकवादियों द्वारा बंधक बना लिए गए फादर टॉम की रिहाई खुश करने वाली खबर है। मुझे पता चला है कि ओमान सरकार के हस्तक्षेप से फादर टॉम की रिहाई संभव हो सकी। हम उनकी केरल वापसी के लिए हरसंभव मदद करेंगे और उनका इलाज भी करवाएंगे। फादर टॉम की सुरक्षित वापसी से खुश होने वाले सभी लोगों के साथ हूं।
आइएस के आतंकवादी मार्च 2016 में अदन में मिशनरीज आॅफ चैरिटी के एक वृद्धाश्रम में एक व्यक्ति के रिश्तेदार बनकर घुस गए थे। अंदर जाकर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें चार भारतीय नन सहित कुल 16 लोग मारे गए थे। फादर टॉम उस समय वहां पादरी के तौर पर नियुक्त थे। आतंकवादियों ने उन्हें बंधक बना लिया और तब से ही यमन में आईएस के चंगुल में फंसे हुए थे।
इस बीच फादर टॉम किसी तरह मई 2017 में एक वीडियो मैसेज भेजने में सफल रहे. इस वीडियो संदेश में फादर टॉम ने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोप फ्रांसिस से खुद को छुड़ाने की अपील की थी।

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top