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भारत समेत परमाणु शक्ति संपन्न देशों ने नकारा

संयुक्त राष्ट्र। परमाणु हथियारों को प्रतिबंधित करने के लिए एक संधि पर गुरुवार (21 सितंबर) को पचास से ज्यादा देशों ने हस्ताक्षर किए। हालांकि दुनिया के परमाणु शक्ति संपन्न देशों ने इस संधि को खारिज कर दिया, लेकिन इसके समर्थकों ने इसे ऐतिहासिक समझौता बताया है। परमाणु हथियारों को नष्ट करने से संबंधित अंतरराष्ट्रीय अभियान के कार्यकारी निदेशक बेट्राइस फिन ने हस्ताक्षर समारोह के शुरू होने पर कहा, आप वो राष्ट्र हैं जो दुनिया को नैतिक नेतृत्व का रास्ता दिखा रहे हैं। विश्व को आज ऐसे नैतिक नेतृत्व की बहुत जरूरत है। दिन समाप्त होने से पहले इंडोनेशिया और आयरलैंड समेत 50 देशों ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए। अन्य देश अगर चाहें तो बाद में इस पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
गुयाना, थाईलैंड और वेटिकन ने पहले ही इस संधि को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस संधि को समर्थन करने वाले देशों में लागू करने के लिए 50 औपचारिक मंजूरियों की जरूरत है। इस संधि के लागू होने पर इन देशों में किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियारों को विकसित करने, परीक्षण करने, निर्माण करने, उन्हें हासिल करने, अपने पास रखने या संचय करने पर रोक रहेगी।
अमेरिका और दूसरी परमाणु शक्तियां इस कदम का विरोध कर रही हैं। परमाणु हथियारों पर रोक लगाने वाली इस संधि से जुड़े प्रस्ताव को जुलाई में 122 देशों ने संयुक्त राष्ट्र में पारित किया था। आॅस्ट्रिया, ब्राजील, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड की अगुवाई में इस प्रस्ताव को लेकर बातचीत की गई थी। परमाणु हथियार रखने वाले नौ देशों अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इस्राइल में से कोई भी इस बातचीत में शामिल नहीं हुआ।
नाटो ने संधि की निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह के कदम के विपरीत परिणाम हो सकते हैं। नेताओं की ओर से हस्ताक्षर किए जाने के लिए आगे आने के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इसे दो दशक से अधिक समय में पहली ऐतिहासिक बहुपक्षीय निरस्त्रीकरण संधि बताया है। इसके साथ ही गुतारेस ने यह भी कहा कि दुनिया को 1,500 से अधिक परमाणु हथियरों से निजात दिलाने के लिए और कार्य किए जाने की जरूरत है। यह संधि तभी प्रभावी होगी जब 50 देश इसका अनुमोदन करेंगे। ब्राजील के राष्ट्रपति मिशेल टेमर ने संयुक्त राष्ट्र महसभा की बैठक में सबसे पहले इस संधि पर हस्ताक्षर किए।

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