0

नई दिल्ली। नवरात्र की शुरुआत कल से हो रही है। इन नौ दिनों में माता के नौ रूपों की पूजा की जाएगी। अश्विन पक्ष में आने वाले ये नवरात्र शारदीय नवरात्र भी कहलाते हैं। नवरात्रों की शुरूआत सनातन काल से हुई है। भगवान श्रीराम ने नौ दिनों तक समुंद्र किनारे मां की अराधना की थी और उसके बाद लंका की तरफ प्रस्थान किया। पूजा के बाद उन्होंने युद्ध में जीत हासिल की और दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है। वहीं नवरात्रों को लेकर शहर के सभी मंदिर सज चुके हैं। मंदिरों पर लाइटों को लगाया जा रहा है ताकि रात को मंदिर रोशनी से नहाता हुआ दिखाई दे। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। महिलाएं माता के नौ दिनों तक लगातार व्रत रखती हैं और उसके बाद कन्या पूजन करके व्रत का पूरा करती हैं। जब तक कन्या पूजन या उन्हें भोग नहीं लगाया जाता तब तक माता के व्रत का फल नहीं मिलता।
नवरात्र के पहले दिन कलश की स्थापना होगी। कलश रखने का शुभ मुहूर्त सुबह छह बजकर तीन मिनट से आठ अजकर 22 मिनट तक रहेगा। कलश स्थापना के बाद कलश पर स्वास्तिक बनाया जाता है, जिसकी च्हदू धर्म में बहुत मान्यता है। कलश पर मौली का धागा बांधकर व जल भर कर नौ दिनों तक स्थापित कर दिया जाता है।
नवरात्रों को लेकर बाजारों में माता के व्रत की सामग्री सज चुकी हैं। आज से नवरात्र शुरू हो रहे हैं तो लोग बाजारों में पहुंचकर व्रत का सामान खरीदने पहुंचेंगे। माता के भक्त पूजा करने के लिए माता का श्रृंगार भी खरीदते हैं और नौ दिनों में माता की पूजा करते हैं। बाजारों में दुकानों पर नारियल, चुनरी, माता के आभूषण, श्रृंगार का समान भी सज चुका है।

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top