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एयरपोर्ट पर ही दिया गया गार्ड आॅफ आॅनर 

अहमदाबाद। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे भारत पहुंच गए हैं। पीएम मोदी ने खुद अहमदाबाद एयरपोर्ट पर आबे का गले लगाकर स्वागत किया। इसके बाद शिंजो आबे को एयरपोर्ट पर ही गार्ड आॅफ आॅनर दिया गया। पीएम नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शिंजो आबे जॉइंट रोड शो के बाद साबरमती आश्रम पहुंचे।
दोनों ने आश्रम में मौजूद महात्मा गांधी की निजी स्मरणीय वस्तुओं को देखा। यहां दोनों पीएम ने महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित किया और रिवर फ्रंट पर भी थोड़ा वक्त बिताया।

इसके बाद दोनों नेता मशहूर सीदी सैयद मस्जिद पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी खुद जापानी पीएम शिंजो आबे को सीदी सैयद मस्जिद की अहमियत और इतिहास बता रहे हैं। इसके लिए उन्होंने खास तैयारी की है। यह मस्जिद संस्कृति और खूबसूरती का मिश्रण है। इस मस्जिद की खास बात है कि शाम के वक्त जब ढलते सूरज की किरणें मस्जिद की जाली से निकलती हैं, तो वो नजारा अद्भुत होता है। दोनों ही नेताओं को राज्य की ऐतिहासिक विरासत पर एक प्रेजेंटेशन भी दिखाया जाएगा। पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार देश की किसी मस्जिद में जा रहे हैं। पीएम मोदी ने 2015 में अबू धाबी के मशहूर शेख जायद मस्जिद का दौरा किया था। आबे अपने इस दौरे में पीएम मोदी के साथ मिलकर बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जापानी पीएम ने रोड शो में हिस्सा लिया। इस दौरान आबे और उनकी पत्नी परंपरागत भारतीय लिबास में दिखीं। वहीं रोड शो के दौरान लोग भारत और जापान का झंडा लेकर दोनों देश की दोस्ती का स्वागत कर रहे थे। खुली जीप में रोड शो के दौरान भी आबे की पत्नी ने रास्ते में सभी राज्यों की झांकियों को अपने मोबाइल में कैद किया।
उल्लेख्य है कि पीएम मोदी की महत्वकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना का शिलान्यास गुरुवार 14 सिंतबर को किया जाएगा। गुजरात के अहमदाबाद में होने वाले इस समारोह में मोदी व जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे मौजूद रहेंगे। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों देश के प्रधानमंत्री साबरमती में बुलेट ट्रेन के यार्ड व स्टेशन और वडोदरा में बनने वाले प्रशिक्षण केंद्र का शिलान्यास करेंगे। प्रशिक्षण केंद्र में भारतीय हाई स्पीड रेल निगम के कर्मचारियों को जापानी पेशेवर प्रशिक्षण देंगे। विदित हो कि मुंबई-अहमदाबाद (508 किलोमीटर) बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए जापान वित्तीय सहायता दे रहा है।
इस परियोजना पर 97,000 करोड़ से अधिक खर्च आएगा। बुलेट ट्रेन परियोजना की शुरूआत यूपीए सरकार के दौरान दोनों देशों के बीच हुई थी जबकि निर्माण व वित्त पोषण का समझौता मोदी सरकार में 2015 में हुआ था। बुलेट ट्रेन के लिए नई लाइन बिछाने का कार्य 2018 से शुरू होने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम के बाद दोनों नेता गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में भारत-जापान एनुअल समिट में भाग लेंगे। यहां वह भारत और जापान की इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे।

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