0

हार्वे तूफान 50 लोगों की हो चुकी हैं मौत 

वॉशिंगटन। अमेरिका के मशहूर कारोबारियों ने तूफान हार्वे के शिकार हुए लोगों की मदद और राहत एवं बचाव कार्य के लिए 17 करोड़ डॉलर की मदद की। बता दें कि हार्वे अमेरिका के इतिहास के सबसे त्रासद तूफानों में से एक है जिसमें अब तक कम से कम 50 लोगों की मौत हो चुकी हैं। टेक्सास प्रांत के अधिकारियों ने बताया कि इस तूफान में 1,85,000 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है और नौ हजार घर ध्वस्त हो गए हैं। नदियों और अन्य जल स्रोतों के भराव के बीच 42 हजार लोग रैन बसेरों में रहने को मजबूर हैं। इस तूफान के कारण अमेरिका के इतिहास की सबसे भारी बारिश हुई है जिससे भी टेक्सास प्रभावित हुआ है। प्रशासन बचे हुए लोगों की तलाश कर रही है और लोगों को छतों से निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य में हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया है।अमेरिका के चैंबर आॅफ कॉमर्स के मुताबिक तक कंपनियों ने राहत एवं बचाव कार्य के लिए 17 करोड़ डॉलर की राशि दी है। जिसमें से 52 कंपनियों ने 10 लाख डॉलर या इससे अधिक की राशि दान दी हैं। लगातार मदद आने से ये आंकड़ें अभी बढ़ ही रहे हैं।

ह्यूस्टन के निवासी और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के करोड़पति कारोबारी माइकल डेल ने हार्वे तूफान से राहत एवं बचाव के लिए 3।6 करोड़ डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई हैं। डेल कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी माइकल डेल और उनकी पत्नी सुसान ने टेक्सास के गवर्नर ग्रेग अबॉट के साथ शुक्रवार को रीबिल्ड टेक्सास फंड शुरू करने की घोषणा की। इस फंड का लक्ष्य दीर्घकालीन पुनर्निमाण और क्षति से उभरने समेत तात्कालिन राहत एवं बचाव कार्य के लिए 10 करोड़ डॉलर से अधिक राशि इकट्ठा करना है।
माइकल और सुसान ने अपने बयान में कहा कि यह आपदा हर वैसे लोगों की निजी क्षति है जिसकी जड़ें टेक्सास से जुड़ी हैं। हम दोनों टेक्सास में पैदा हुए और यहीं बड़े हुए। ह्यूस्टन की जिन गलियों में माइकल बड़े हुए वह अभी पानी में डूबा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक वालमार्ट ने दो करोड़ डॉलर और वेरीजॉन ने एक करोड़ डॉलर की मदद की है। एनर्जी से लेकर एयरलाइन क्षेत्र तक की कंपनियां मदद के लिए सामने आ रही हैं।
यूएस चैंबर आॅफ कॉमर्स फाउंडेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मार्क डीकोर्सी ने कहा कि कंपनियां अपनी संपत्ति से मदद कर रही हैं। यह महज चेकबुक वाली मदद नहीं है। फेडएक्स और यूपीएस दोनों ने दस-दस लाख डॉलर की मदद की है तथा राहत एवं बचाव कार्य में मदद के लिए अपने डिलीवरी नेटवर्क को भी इस्तेमाल के लिए दिया हैं।

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top