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नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान शनिवार को होना है। इसमें राजग के वेंकैया नायडू और महागठबंधन के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी आमने-सामने हैं। शनिवार को ही नतीजे भी आ जाएंगे। उपराष्ट्रपति संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा का सभापति भी होता है। भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के लिए चुनावी मैदान में हैं एनडीए की ओर से वेंकैया नायडू। विपक्ष ने उनके मुकाबले के लिए पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और गांधीजी के पौत्र गोपालकृष्ण गांधी को उतारा है। 5 अगस्त यानी शनिवार को उपराष्ट्रपति चुनाव के वोट डाले जाएंगे।
उपराष्ट्रपति का चुनाव सीक्रेट बैलेट के जरिए होता है जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य वोट करते हैं। अपनी पसंद को मार्क करने के लिए संसद सदस्य एक खास पेन का इस्तेमाल करते हैं। किसी दूसरे पेन से मार्क किये गए वोट को खारिज कर दिया जाता है। बैलेट पेपर में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार का नाम होता है लेकिन इसपर किसी तरह का चुनाव चिह्न नहीं होता है। उपराष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य ही वोट करते हैं। एनडीए की जीत में कोई मुश्किल नहीं दिख रही है। कुल सदस्य संख्या है 790। अब राज्यसभा में बीजेपी के सबसे ज्यादा 58 सांसद हैं जबकि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के 57 सांसद हैं। बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए के पास लोकसभा में 340 और राज्यसभा में 85 सांसद हैं। कुल होते हैं 425। पिछले चुनाव में हामिद अंसारी को 2012 के उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार जसवंत सिंह के मुकाबले 490 वोट मिले थे। जसवंत सिंह को 238 वोट मिले। एस। राधाकृष्णन (1952 और 1957), मोहम्मद हिदायतुल्ला (1979) और शंकर दयाल शर्मा (1987) उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्विरोध चुने गए थे। इस बार के उपराष्ट्रपति चुनाव में जेडीयू के वोटों पर भी खास नजर होगी। नीतीश कुमार तब महागठबंधन के साथ थे जब उन्होंने गोपालकृष्ण गांधी के समर्थन का ऐलान किया था। लेकिन अब वे बीजेपी के साथ हैं। लेकिन पहले किए गए ऐलान के मुताबिक उनकी पार्टी के सांसद गोपालकृष्ण गांधी के पक्ष में ही वोट करेंगे। इससे पहले महागठबंधन के साथ रहते हुए राष्ट्रपति चुनाव में उनकी पार्टी के सांसदों ने एनडीए उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी के पक्ष में वोट किया था। जेडीयू के लोकसभा में 2 सांसद और राज्यसभा में 10 सांसद हैं।

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