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नई दिल्ली। टेरर फंडिंग की जांच में जुटी एनआईए ने बड़ा खुलासा किया है। हुर्रियत नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ फंटूश और उसके करीबी अयाज अकबर के घर व आॅफिस पर छापे में एनआईए को जाकिर मूसा की तस्वीरें मिली हैं। आंतकी मूसा का हाल ही में एक आॅडियो टेप आया था, जिसमें उसने अंसार गजवत उल हिन्द नामक आतंकी संगठन बनाने की घोषणा की थी। यह आतंकी संगठन अलकायदा के सिद्धांतों को मानता है। एनआईए को इसके साथ ही सैयद अलीशाह गिलानी को लिखी गई मसर्रत आलम की एक चिट्ठी भी मिली है, जिसमें मसर्रत ने लिखा है कि उसे जम्मू की जेल में ट्रांसफर कर दिया गया है, जहां उसे जान का खतरा है। गिराली के सबसे करीबी माने जाने वाले अयाज अकबर के घर से एनआईए को मिली इस चिट्ठी से गिलानी की इन चरमपंथियों से साठगांठ का पता चलता है। ऐसे में एनआईए ने अब सैयद अली शाह गिलानी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
एनआईए ने गिलानी के दोनों बेटों नईम और नसीम गिलानी को पूछताछ के लिए सोमवार को दोबारा तलब किया है। एनआईए गिलानी की लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये की संपत्ति को कब्जे में लेने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि एनआइए ने गिलानी के 14 प्रॉपर्टी को शॉर्ट लिस्ट किया है, इसमें गिलानी के परिवार के सदस्यों की संपत्ति भी शामिल है।सीमा पार से टेरर फंडिंग को लेकर आज तक के आॅपरेशन हुर्रियत के बाद मामले की जांच कर रही एनआईए ने 24 जुलाई को गिलानी के दामाद फंटूश गिलानी सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
गौरतलब है कि आॅपरेशन हुर्रियत में हुर्रियत के कई नेताओं ने कबूल किया था कि उन्हें पाकिस्तान से फंड मिलता है, जिससे कि घाटी में अशांति का माहौल बनाए रखा जा सके। इस खुलासे के बाद एनआइए ने अलगाववादी नेता नईम खान और बिट्टा कराटे के वॉइस और राइटिंग सैंपल लिए हैं।

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