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नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के बागी रुख पर कहा है कि वह अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। हमने जो भी फैसला लिया है पूरी पार्टी से विचार विमर्श करने के बाद ही लिया है। हालांकि शरद यादव पर पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दिया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से औपचारिक मुलाकात की।

इधर जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव तीन दिनों की बिहार यात्रा पर पटना में हैं। उन्होंने यात्रा के पहले दिन कहा था कि वह नीतीश कुमार के इस फैसले से आहत हैं और इसीलिए लोगों के बीच जाकर उनसे बात करेंगे। वहीं उनकी पार्टी जेडीयू के नेता केसी त्यागी ने भी दो-टूक शब्दों में मर्यादाओं का पालन करते हुए संयम बरतने को कहा है। शरद यादव ने कहा था, हमने पांच साल के लिए गठबंधन किया था। जिस 11 करोड़ जनता से हमने जो करार किया था, वो ईमान का करार था। वो टूटा है, जिससे हमको तकलीफ हुई है। शरद यादव ने साथ ही कहा कि 70 साल के इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलता, जहां दो पार्टी या गठबंधन जो चुनाव में आमने-सामने लड़े हों और जिनके मेनिफेस्टो अलग-अलग हों, दोनों के मेनिफस्टो मिल गए हों। उन्होंने कहा कि यह लोकशाही में विश्वास का संकट है।

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