0

इन्हीं दो वोटों के रद्द होने से हुई पटेल की जीत 

गांधीनगर। गुजरात राज्यसभा चुनाव दिलचस्पी भरा रहा। अंतिम-अंतिम समय तक संशय बना रहा। चुनाव आयोग ने यदि कांग्रेस के दो बागी विधायकों के वोट रद्द नहीं किया होता तो अहमद पटेल की हार तय थी। अब बीजेपी ने इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने का फैसला किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा है कि हम चुनाव आयोग के फैसले से सहमत नहीं हैं। रद्द हुए वोटों के लिए आने वाले दिनों में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
श्री रुपाणी का कहना है कि अगर चुनाव आयोग विधायक भोला भाई और राघव भाई के दो वोटों को रद्द नहीं करता तो अहमद पटेल की हार पक्की थी।
कांग्रेस के बागी विधायक भोला भाई और राघव भाई के वोट रद्द होने के बाद जीत के लिए जरूरी आंकड़े में बदलाव हो गया। अब जीत के लिए 43.5 वोट चाहिए थे। जबकि, अहमद पटेल को 44 वोट मिले और वह 0.50 वोट से जीत गए। अहमद पटेल को जो 44 वोट मिले, उनमें कांग्रेस के 41, जेडीयू का एक, एनसीपी का एक और बीजेपी के बागी विधायक का एक वोट शामिल था। गुजरात की तीन राज्यसभा सीटों में से बीजेपी ने दो सीटों अपना कब्जा जमाया। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पहली बार राज्यसभा जाएंगे। दूसरी सीट पर स्मृति ईरानी ने भी अपनी जगह बरकरार रखी है। इस चुनाव में शाह और ईरानी को 46-46 वोट मिले। वहीं, अहमद पटेल  को 44 वोट मिले जबकि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए बलवंत सिंह राजपूत को 38 वोटों से संतोष करना पड़ा।

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top