0

मसूद अजहर के लिए बार बार वीटो का इस्तेमाल क्यो
पाक प्रेम का मतलब उसके हर दुष्कर्म का समर्थन तो नहीं

देवेंद्र गौतम
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्रसंघ सुरक्षा परिषद के 15 स्थाई सदस्यों में से 14 अजहर मसूद को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित करने पर आपत्ति नहीं है लेकिन चीन बार-बार उसके बचाव में वीटो का इस्तेमाल कर रहा है। एक बार फिर उसने वीटो का इस्तेमाल कर तकनीकी बाधा उत्पन्न की है और दो नवंबर तक के लिए भारत के इस प्रस्ताव को टाल दिया है। इसके लिए चीन बेतूके तर्क गढ़ रहा है।

पाकिस्तान आतंकियों के संरक्षक देश के रूप में सर्वविदित है। लेकिन चीन पर अभी तक इस तरफ का आरोप नहीं लगा है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि मसूद अजहर जैसे आतंकी के साथ प्रगाढ़ प्रेम दर्शाकर चीन क्या बतलाना चाहता है। इसका रहस्य क्या है। वह विश्व विरादरी के समक्ष अपनी छवि और प्रतिष्ठा को दांव पर लगाकर एक आतंकी को क्यों संरक्षण प्रदान कर रहा है। पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंधों का मतलब उसके हर दुष्कर्म को संरक्षण प्रदान करना तो नहीं होता। मसूद अजहर पठानकोट हमले के मामले में भारत का मोस्ट वांटेड अपराधी है। उसके अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित होने से चीन की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता। बल्कि इसके जरिए वह भारत के साथ संबंधों में आए तनाव को कुछ कम कर सकता है। लेकिन उसे इसकी परवाह नहीं है। दक्षिण चीन सागर से लेकर डोकलाम तक उसकी भाषा और गतिविधि तानाशाह जैसी है।
ऐसे में यह अंदेशा होता है कि विश्व आतंकवाद को खाद-पानी देने में कहीं चीन की भूमिका तो नहीं रही है? कई बार चीन से समुद्री जहाज पर भारी मात्रा में गोला बारूद की खेप पाकिस्तान पहुंचने की खबरें आती रही हैं। वैसे भी पाकिस्तान के पास इतना संसाधन, इतना धन और इतनी क्षमता नहीं है कि आतंकी गतिविधियों का आर्थिक बोझ उठा सके। नशीली दवाओं की तस्करी भी अकेले आइएसआई या आतंकी संगठनों के बूते की बात नहीं। तकनीक के मामले में भी पाकिस्तान हमेशा दूसरे देशों पर ही निर्भर रहा है। अमेरिका के इम्दाद पर लंबे समय तक उसकी अर्थ व्यवस्था निर्भर थी। अब यह संदेह उत्पन्न हो रहा है कि कहीं चीन की गुप्त मदद से तो आतंकवाद के विषबेल नहीं फैले हैं।
मसूद अजहर कहीं उसका खास मोहरा तो नही जिसकी रक्षा करना वह अपनी नैतिक जिम्मेवारी मानता है। अपने पड़ोसी देशों को परेशान करने के लिए तरह-तरह की साजिश रचना चीन का पुराना शगल रहा है। अभी तक उसके अभियान गोपनीय तरीके से चलते रहे हैं। अब धीरे-धीरे उसका पर्दाफाश हो रहा है। मसूद अजहर के मामले में उसका अड़ियल रुख यही संकेत देता है।

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top