0

एनआइए के लखनऊ परिसर का उद्घाटन

नार्थ ईस्ट में 75 प्रतिशत घटा उग्रवाद

नक्सलवाद में 40 प्रतिशत की कमी



लखनऊ। कश्मीर में आतंकवादियों की बढ़ती हिमाकत को कमजोर करने के लिए एनआइए एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। एनआइए ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर देश के अंदर नकली नोट कहां से आता है। इस मिशन के बाद एनआईए आतंकवाद की कमर तोड़ देगी। ये बात गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में आॅफिस रेजिडेंशियल काम्प्लेक्स के उद्घाटन के मौके पर कही। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को एनआइए के लखनऊ परिसर का उद्घाटन किया। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।  राजनाथ सिंह ने कहा कि 2009 से अस्तित्व में आने के बाद एनआईए का काम बेहद सराहनीय रहा है। लखनऊ में बना ये परिसर एनआईए का पहला अपना कार्यालय है। उन्होंने कहा कि पहले परिसर का उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री योगी का होना अच्छा संयोग है।
इस समय 165 मामलों की जांच एनआईए कर रही है। कार्यालय और आवास के निर्माण में एनआईए की फंशनिंग और बेहतर होने की उम्मीद की जा रही है। राजनाथ सिंह ने कहा कि आज जिस रेजिडेंशियल काम्प्लेक्स का शिलान्यास दिसंबर 2015 में मैंने किया था, तय समय के अंदर काम पूरा हुआ। एनआईए का नाम सुनते ही आतंक फैलाने वालों में दहशत हो जाती है। हमने संकल्प लिया है कि देश की सुरक्षा के लिए जो भी कठोर कदम उठाना पड़ेगा उठाएंगे।
नार्थ ईस्ट उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्र है लेकिन पहले की तुलना में वहां उग्रवाद में 75 प्रतिशत कमी आई है। वहीं नक्सलवाद में 40 फीसदी कमी आई है। टेरर फंडिंग से लेकर फेक करेंसी तक कि जांच एनआईए कर रही है। वहीं कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि एनआईए का गठन 2009 में आतंकी घटनाओं पर कार्रवाई के लिए हुआ था। आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए एनआईए काम कर रही है। जाली नोटों से भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाते थे। उत्तर प्रदेश में एटीएस को मजबूत करने के लिए हमने प्रयास शुरू किया है। हमारी कोशिश है कि राज्य की एजेंसियों और एनआईए में सामंजस्य हो। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए हमें और हाईटेक होना होगा। सीएम ने आश्वस्त किया कि भारत सरकार को यूपी सरकार पूरा सहयोग देगी।

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top