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गृह मंत्रालय ने राज्यसभा में पेश किया लिखित बयान


नई दिल्ली। आतंकी फंडिंग के मामले में एनआईए ने जहां इस पूरे मामले की जांच में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं दूसरी तरफ सैयद अली शाह गिलानी के दोनों बेटों से बुधवार को भी ठकअ पूछताछ कर रही है। बुधवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय ने अपने लिखित बयान में यह बात कही है कि कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने और पत्थरबाजी के लिए अलगाववादी नेता पाक अधिकृत कश्मीर से संपर्क में हैं। ये अलगाववादी नेता सिर्फ आतंकवादियों से ही संपर्क में नहीं बल्कि आतंकवादियों के आकाओं से भी सीधे संपर्क में हैं।

राज्यसभा में गृह मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी है कि सीमा के उस पार यानी पाकिस्तान से कुछ अलगाववादी नेता कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने के लिए निर्देश तो लेते ही हैं। साथ ही साथ पाकिस्तान की तरफ से कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए अलगाववादियों को फंडिंग भी की जा रही है। गृह मंत्रालय के इस चौंकाने वाले खुलासे से साफ जाहिर है कि आने वाले समय में बड़े अलगाववादी नेता भी जांच एजेंसियों के निशाने पर आ सकते हैं। क्योंकि सूत्र बताते हैं कि जिस तरीके से सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और दूसरे बड़े अलगाववादी नेताओं का कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने और स्कूलों को जलाने में सीधा हाथ आ रहा है उससे लगता है कि इस मामले में अभी और खुलासे हो सकते हैं।
हुर्रियत नेताओं का जाकिर मूसा कनेक्शन हाल ही में ठकअ की जांच में सामने आया है। ठकअ को हुर्रियत नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ फंटूश के घर से जाकिर मूसा की तस्वीरें मिली हैं। जो ठकअ ने अपने छापे के दौरान हाल ही में जब्त किया था। यही नहीं सैय्यद अली शाह गिलानी के दामाद और उसके सबसे खास अयाज अकबर के घर और आॅफिस से भी जाकिर मूसा की तस्वीर मिली थी।
जाकिर मूसा ने हाल ही में अंसार गजवत उल हिन्द नामक आतंकी संगठन बनाया है। जो अलकायदा के सिद्धांतों को मानता है। एनआईए की जांच में ही यह भी खुलासा हुआ है कि नईम खान, शाहिद उल इस्लाम के लश्कर और हिजबुल के आतंकियों से सीधे संपर्क रहे हैं। क्योंकि एनआईए ने छापे के दौरान लश्कर के लेटर हेड और लश्कर की वह चिट्टियां बरामद की हैं जो ये बता रही हैं कि नईम खान और शाहिद उल इस्लाम आतंकवादियों को कैसे पैसे देते हुए पाए गए हैं।

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