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डेरा समर्थकों ने पत्रकार को पीटा
हरियाणा में 48 घंटे बंद रहेगा इंटरनेट 

पानीपत। सिरसा में कर्फ्यू में 5 घंटे की ढील के दौरान रविवार को एक बार फिर डेरा समर्थक हिंसक हो गए। समर्थकों ने सिरसा और फतेहाबाद में पत्रकारों के साथ मारपीट की। उस समय कुछ मीडियाकर्मी पुराने डेरा के पास कवरेज कर रहे थे। एक जर्नलिस्ट को जख्मी हालत में हॉस्पिटल में एडमिट कराया है। डेरा चीफ को रेप केस में दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला, सिरसा समेत पांच राज्यों के 17 शहरों में डेरा सर्मथकों ने हिंसा और आगजनी की थी। सोमवार को रोहतक जेल में सीबीआई कोर्ट के जज बाबा को सजा सुनाएंगे। इसके पहले सरकार ने हरियाणा में 48 घंटे के लिए इंटरनेट पर रोक लगाई गई है। आज सुबह 6 से 11 बजे सिरसा में कर्फ्यू में ढील दी गई थी, लेकिन मीडियाकर्मियों पर हमले के बाद प्रशासन ने इसे वापस ले लिया। आर्मी ने फिर से बेरिकेड्स लगा दिए।

हमले के बाद डीजीपी बीएस संधू ने मीडिया को संवेदनशील इलाकों में जाने से परहेज करने की सलाह दी है। डीजीपी ने कहा है कि आरोपी डेरा समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। वहीं, डिप्टी कमिश्नर प्रभजोत सिंह ने कहा, डेरा के अंदर मौजूद कई समर्थक अपने घर जा चुके हैं। इसमें सरकार उनकी मदद कर रही है। कल राम रहीम को सजा सुनाए जाने के चलते कर्फ्यू में किसी तरह की ढील नहीं मिलेगी। मीडिया पर हमले को लेकर सिंह ने कहा कि सुबह जो मीडियाकर्मी कवरेज पर गए थे, वो एडवेंचर करने के लिए गलियों से होकर निकले। वो हमारी फोर्स के सामने से कभी नहीं गुजरे थे।
पीड़ित मीडियाकर्मी का कहना था कि कर्फ्यू में ढील दिए जाने के बाद हमारी टीम डेरा के बाहर रिपोर्टिंग कर रही थी। इसी दौरान कुछ डेरा समर्थकों ने हम पर पथराव किया और लाठी-डंडों से पीटा। उन्होंने कैमरा और ओबी वैन छीन ली।
दूसरी ओर, सिरसा में डेरा के बाहर मौजूद आर्मी समर्थकों को खुद डेरा छोड़ने के लिए वक्त दे रही है। कहा गया है कि लोग जितनी जल्दी हो सके, डेरा छोड़ दें। चंडीगढ़ के होम सेक्रेटरी रामनिवास ने कहा कि राम रहीम की सजा के एलान से पहले हरियाणा में 48 घंटे के लिए एहतियातन इंटरनेट सर्विस पर रोक लगाई है। इससे पहले 24 अगस्त को शाम 5 बजे से गुड़गांव-फरीदाबाद को छोड़कर पूरे राज्य में 72 घंटे के लिए इंटरनेट सर्विस बंद की गई थी। आज शाम को इंटरनेट शुरू होना था, लेकिन सरकार ने इसे आगे बढ़ा दिया।
साध्वी के यौन उत्पीड़न केस में सीबीआई कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद पुलिस के 5 और डेरा के 2 प्राइवेट गार्ड्स ने राम रहीम को भगाने की कोशिश की थी। ये सभी बाबी की सिक्युरिटी में लगे थे। आईजी ने जब इन्हें रोकने की कोशिश की तो डेरामुखी के एक गार्ड ने आईजी पर पिस्टल तान दी और साइड में होने को कहा। इसके बाद आर्मी ने सातों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया और राम रहीम को कब्जे में लेकर चंडी मंदिर चली गई। पंचकूला सेक्टर-5 थाना पुलिस ने सब-इंस्पेक्टर रामभगत की शिकायत पर डेरामुखी के सिक्युरिटी गार्ड प्रीतम और सुखबीर, एसआई कृष्णदास, हेड कॉन्स्टेबल विजय कुमार, हेड कॉन्स्टेबल अजय, ईएस रामबीर, कॉन्स्टेबल बलवान के खिलाफ देशद्रोह समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
बाबा को रोहतक की सुनारिया जेल में रखा गया है। यहां सोमवार को पहली बार कोर्ट लगेगी और पंचकूला सीबीआई कोर्ट के जज जगदीप सिंह सजा सुनाएंगे। जज को जेल के अंदर लाने के लिए हेलिकॉप्टर का इंतजाम कर लिया गया है। इसे सीआरपीएफ बटालियन ग्राउंड के हेलिपैड पर उतारा जाएगा। ये जेल 5 साल पहले बनाई गई है। दो दिन पहले यहां लाए गए राम रहीम को कैदी नंबर- 1997 मिला है। जेल कैंपस में सीआरपीएफ के लिए एडमिस्ट्रेटिव बिल्डिंग बनाने की तैयारी चल रही है। फिलहाल इसके लिए आला अफसरों की परमिशन मिलनी बाकी है। डेरा समर्थकों के जमा होने की आशंका के चलते पैरा मिलिट्री, आर्मी और पुलिस ने जेल के तीन किलोमीटर के दायरे में 7 चेक पोस्ट बनाए हैं। किसी को भी जेल की ओर जाने की इजाजत नहीं है। डीसी अतुल कुमार ने बताया कि जेल में 28 अगस्त के लिए कोर्ट रूम बनाने के लिए काम लगभग पूरा हो चुका है। सुनारिया जेल में सोमवार को तीन जेलों के सुपरिंटेंडेंट को तैनात किया गया है। आईजी जेल जगजीत सिंह भी सुनारिया में डेरा डाले हुए हैं।

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