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नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में मिला संदिग्ध पाउडर जांच के बाद विस्फोटक नहीं पाया गया। इस संबंध में उसे पीइटीएन नामक घातक पाउडर बताने वाले लखनऊ एफएसएल के डायरेक्टर श्याम बिहारी उपाध्याय पर कार्रवाई की जा सकती है। यूपी के डीजीपी सुलखान सिंह ने इस सिलसिले में सरकार के पास नोटिस भेजा गया है, जिसमें उन्होंने उपाध्याय को निलंबित करने की अनुशंसा की है। गृह विभाग को भेजी गई नोटिस में उपाध्याय पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। जानकारी के अनुसार एफएसएल विभाग यूपी पुलिस के टेक्नीकल डिपोर्टमेंट के अधीन आता है। टेक्नीकल टीम ने ही अपनी जांच में श्याम बिहारी उपाध्याय पर लापरवाही के आरोप तय किए हैं। डीजीपी के नोटिस पर आखिरी फैसला यूपी सरकार के गृह विभाग को लेना है। माना जा रहा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ जल्द ही इस पर फैसला ले सकते हैं। विधानसभा सत्र के दौरान 12 जुलाई को संदिग्ध पाउडर बरामद हुआ था। इसके बाद एटीएस और एनआइए  इस मामले की जांच कर रही है। एटीएस ने संदिग्ध पाउडर को जांच के लिए हैदराबाद एफएसएल भेजा दिया था, जबकि एनआइए ने पाउडर को जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट आ जाएगी। इससे पहले आगरा फॉरेंसिक लैब में इसकी जांच की गई थी, जहां इसके पीइटीएन होने की पुष्टि नहीं हुई है।

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