0

घुसपैठ में नाकाम होने पर पथराव पर उतरा चीन

लद्दाख। चीन ने जम्मू-कश्मीर के लद्दाख में कल दो बार भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन भारतीय सैनिकों ने दोनों ही बार उसके इरादों को नाकाम कर दिया। चीनी सैनिकों ने घुसपैठ में नाकाम होने पर भारतीय जवानों पर पथराव भी किया, जिसका जवाब उसी अंदाज में दिया गया। आखिरकार चीनी सैनिकों को वापस अपने इलाके में लौटना पड़ा।
चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा के भीतर घुसपैठ की ये कोशिश लद्दाख की मशहूर झील पैंगांग लेक के पास की थी। चीनी सैनिकों ने लद्दाख के जिन दो इलाकों से घुसपैठ की कोशिश की, उन्हें फिंगर फोर और फिंगर फाइव कहते हैं। घुसपैठ की पहली कोशिश मंगलवार की सुबह छह बजे और दूसरी कोशिश सुबह नौ बजे की गई, लेकिन सतर्कता से पहरा दे रहे भारतीय जवानों ने मानव श्रृंखला बनाकर दोनों ही बार उनके इरादों को नाकाम कर दिया।
चीनी सैनिकों को जब घुसपैठ करने में कामयाबी नहीं मिली तो उन्होंने भारतीय जवानों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसका भारतीय सैनिकों ने भी उसी अंदाज में जवाब दिया। कुछ देर के टकराव के बाद चीनी सैनिक वापस लौटने को मजबूर हो गए।
पथराव से कुछ चीनी सैनिकों के घायल होने की भी खबर है। कुछ भारतीय सैनिकों को भी चोटें आईं हैं। हालांकि समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दिल्ली में भारतीय सेना के प्रवक्ता ने इस घटना पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
सिक्किम के डोकलाम इलाके में भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति काफी दिनों से बनी हुई है। इस तनाव के बीच ही चीन ने कुछ दिनों पहले धमकी भरे अंदाज में कहा था कि वो चाहे तो जम्मू-कश्मीर समेत कई और इलाकों से भी भारत में घुसपैठ कर सकता है।
जम्मू-कश्मीर के लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश को चीन की उस धमकी से जोड़कर भी देखा जा सकता है, लेकिन भारतीय सैनिकों ने चीन की इस कोशिश को नाकाम करके साबित कर दिया है कि वो अपने इलाकों की रक्षा करने के लिए दिन रात मुस्तैद हैं।
भारत और चीन के बीच इतने बड़े विवाद की वजह डोकलाम है। डोकलाम भूटान का हिस्सा है लेकिन चीन इसे अपना हिस्सा बताता है। भूटान में डोकलाम को डोलम कहते हैं। करीब 300 वर्ग किलोमीटर का इलाका है जो चीन की चुंबी वैली से सटा हुआ है और सिक्किम के नाथुला दर्रे के करीब ही है। इसलिए इस इलाके को ट्राई जंक्शन के नाम भी जाना जाता है। ये डैगर यानी एक खंजर की तरह का भौगोलिक इलाका है जो भारत के चिकन नेक यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर की तरफ जाता है।चीन की चुंबी वैली का यहां आखिरी शहर याटूंग है। चीन इसी याटूंग शहर से लेकर विवादित डोलम इलाके तक सड़क बनाना चाहता है। भूटान ने चीन की इस सड़क का विरोध जताया और फिर भारतीय सेना भूटान का साथ देते हुए इसका काम रूकवा दिया, क्योंकि भारत की सुरक्षा के लिहाज से भी चीन की ये सड़क खतरा है।

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top