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नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने कथित धनशोधन मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती के चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ पूरक आरोपपत्र पर विचार करने के लिए चार सितंबर की तारीख तय की है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जुलाई में चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल और व्यवसायी भाइयों सुरेंद्र जैन और वीरेंद्र जैन समेत 35 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। विशेष न्यायाधीश नरेश कुमार मल्होत्रा ने अग्रवाल की जमानत की सुनवाई को भी चार सितंबर के लिए अधिसूचित किया है। राजेश अग्रवाल पर जैन भाइयों की मदद से अवैध लेनदेन के जरिए काले धन को वैध आय स्रोत में बदलने का आरोप है। ईडी ने जैन भाइयों को 20 मार्च को गिरफ्तार किया था।
ईडी ने मई में मामले में पहला आरोपपत्र दाखिल किया था और उसके बाद 22 मई को अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। अग्रवाल पर भारती के पति शैलेश कुमार की कंपनी मिशैल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड के कुछ लेन देन छिपाने में मदद करने का आरोप भी है। गौरतलब है कि इससे पहले 22 जुलाई को राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती और उनके पति के सीए रहे राजेश अग्रवाल के खिलाफ ईडी ने पटियाला हाऊस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में राजेश अग्रवाल के सभी काले कारनामों का खुलासा किया गया है। वहीं देश में जीएसटी लागू करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंस्टीट्यूट आॅफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आॅफ इंडिया के एक कार्यक्रम के दौरान चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को बहलाते, समझाते, चेताते और फिर रास्ता दिखाते नजर आए थे। पीएम मोदी ने सीए के नए सिलेबस को लॉन्च किया था और आइसीएआई को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा था कि जीएसटी देश की अर्थव्यवस्था में एक नई शुरूआत है। इसे सफल करने के लिए जरूरी है कि सीए समुदाय अपनी आर्थिक जिम्मेदारी के हिसाब से आचरण करे। पीएम मोदी ने सीए को अर्थजगत का ऋषि-मुनि भी कहा।

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