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मालेगांव ब्लास्ट केस,
नई दिल्ली। मालेगांव धमाके के मुख्य आरोपी रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल और न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने पुरोहित को इस हिदायत के साथ सशर्त जमानत दी कि वह सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे। कर्नल पुरोहित अभी नवी मुंबई के तलोजा जेल में बंद हैं।
वहीं, कर्नल पुरोहित की पत्नी अपर्णा पुरोहित ने इस फैसले पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं, अब वो अपनी परिवार के साथ होंगे। हमारे लिए ये बहुत मुश्किल समय रहा है। आगे क्या करना है अभी पता नहीं।
कर्नल पुरोहित को जमानत मिलने पर कांग्रेस नेता दिग्विजय ने बीजेपी-आरएसएस पर निशाना साधा है। उन्होंने पुरोहित को जमानत मिलने पर बीजेपी सरकार को घेरा। दिग्विजय ने ट्वीट किया कि कर्नल पुरोहित को जमानत...इसी की उम्मीद थी, क्योंकि बीजेपी सरकार बम धमाकों में संघ से जुड़े सभी आरोपियों को बचा रही है।
बीजेपी नेता संबित पात्रा ने दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर पलटवार करते हुए उनपर सुप्रीम कोर्ट को राजनीति में घेरने का आरोप लगाया।
9 साल से जेल में बंद पुरोहित की जमानत का एनआईए ने विरोध किया था। एनआईए ने कहा कि मालेगांव विस्फोट में उनके शामिल होने के साक्ष्य हैं।
पुरोहित 2008 मालेगांव बम विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी है। इस विस्फोट में 6 लोगों की मौत हो गई थी। पुरोहित ने कोर्ट से कहा कि वह बीते 9 सालों से जेल में हैं और वह जमानत पाने के हकदार हैं। पुरोहित अभिनव भारत के गठन से पहले सेना में थे। अभिनव भारत का गठन उन्होंने हिंदू राष्ट्र की लड़ाई के लिए किया था। जांच एजेंसियों ने पूर्व में इस विस्फोट के तार अभिनव भारत से जोड़े थे।
मालेगांव ब्लास्ट केस में अपने शामिल होने से इनकार करते हुए पुरोहित ने कोर्ट से कहा कि अगर यह मान भी लिया जाए कि उनपर बम की आपूर्ति का आरोप सही है तो भी उन्हें जेल से बाहर होना चाहिए क्योंकि इस अपराध की भी अधिकतम सजा 7 साल है जो वह पहले ही काट चुके हैं।
पुरोहित ने 25 अप्रैल के बंबई हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें मामले की दूसरी आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जमानत दी गई थी।
नासिक जिले के मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को हुए विस्फोट में 6 लोग मारे गए थे।

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