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सीबीआई कोर्ट से बाबा को भगाने का किया था प्रयास

चंडीगढ़। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सुरक्षा में तैनात हरियाणा पुलिस के पांचों कमांडो की नौकरी खतरे में है। पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत के परिसर में इन कमांडो ने दो प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड के साथ मिलकर डेरामुखी को भगाने का प्रयास किया था। पंचकूला पुलिस ने सेक्टर-5 थाना में इस संदर्भ में मुकदमा भी दर्ज किया है।
सीबीआई जज ने जब राम रहीम को रेप का दोषी ठहरा दिया तो पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस की गाड़ी में उसे कोर्ट परिसर से कमांड अस्पताल में मेडिकल के लिए ले जाना था। इसी दौरान उसके साथ आए सरकारी व प्राइवेट कमांडो ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के साथ झगड़ा किया।
पंचकूला पुलिस हैड कांस्टेबल अजय, राम सिंह व विजय सिंह तथा कांस्टेबल बलवान सिंह, सब-इंस्पेक्टर कृष्ण दास के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर चुकी है। राम रहीम के प्राइवेट कमांडो प्रीतम सिंह व सुखबीर सिंह को भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। उन पर पुलिस ने पहले हत्या की कोशिश के आरोप में परचा दर्ज किया था।
अब पुलिस ने धारा-224 के तहत भी केस दर्ज कर लिया है। यानी अदालत से दोषी ठहराए जाने के बाद मुजरिम को भगाने की कोशिश में अब ये सातों कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। पुलिस द्वारा पंचकूला के पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई थी। पंचकूला सीबीआई कोर्ट कैम्पस में भी वीडियोग्राफी थी। ऐसे में इसकी फुटेज के आधार पर पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
पुलिस कड़ियों को जोड़ रही है। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि अदालत का फैसला आने के बाद राम रहीम को वहां से भगाने का प्रयास किया गया था। हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस ने अभी तक भी राम रहीम के खिलाफ किसी तरह का केस दर्ज नहीं किया है। राम रहीम की सुरक्षा में तैनात एक कमांडो ने अदालत परिसर में ही अपने वरिष्ठ अधिकारी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया था।
अदालत परिसर से सेना की पश्चिमी कमान तक ले जाते समय भी एक कमांडो ने पुलिस की गाड़ी के आगे जैमर गाड़ी को लगा दिया था। आरोप है कि वह यहां से भी राम रहीम को भगाना चाहता था। पुलिस जांच के दौरान राम रहीम के काफिले की गाड़ियों से एक मशीनगन भी बरामद की है। पुलिस यह पता लगा रही है कि यह हथियार कैसे आया।

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