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दो महीने बढ़ी नज़रबंदी की अवधि 

लाहौर/नई दिल्ली। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद की नज़रबंदी की अवधि दो महीने के लिए बढ़ा दी है। वह 31 जनवरी से घर में नजरबंद है। इसके पहले पंजाब प्रांत की सरकार ने तीन महीने के लिए उसका हाउस अरेस्ट बढ़ाया था। सईद मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड है।
सोमवार को जारी नोटिफिकेशन में सरकार ने कहा- ये पब्लिक आॅर्डर मेंटेन करने के लिए उठाया गया कदम है। वो मुल्क की शांति के लिए अब भी बड़ा खतरा है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प के प्रेसिडेंट बनने के फौरन बाद पाकिस्तान ने हाफिज सईद को नजरबंद किया था। हाफिज आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का भी चीफ है।  उसे 31 जनवरी को पहली बार नजरबंद किया गया था। इसके बाद ये मियाद 90 दिन बढ़ाई गई। हाफिज ने इसके खिलाफ लाहौर हाईकोर्ट में अर्जी भी दायर की थी लेकिन पंजाब सरकार ने अपने जवाब में कहा था कि वो लॉ एंड आॅर्डर के लिए खतरा साबित हो सकता है। इसके बाद अर्जी खारिज कर दी गई थी।
हाफिज सईद के साथ ही अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी काशिफ हुसैन को भी नजरबंद किया गया था।
पंजाब प्रांत की सरकार का कहना है कि इन लोगों एंटी-टेररिज्म एक्ट 1997 के तहत नजरबंद किया गया है। हाफिज सईद के बारे में नोटिफिकेशन जारी तो 28 जुलाई को ही कर दिया गया था, लेकिन मीडिया को इसकी जानकारी सोमवार रात दी गई। नोटिफिकेशन में कहा गया- काउंटर टेरेरिज्म डिपार्टमेंट को लगता है कि जेयूडी और फलाह-ए-इन्सानियत से जुड़े लोग अगर रिहा किए जाते हैं तो इससे देश में खतरा बढ़ सकता है। ये लोग सईद की लीडरशिप में विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। सईद को हीरो की तरह पेश किया जा सकता है। नोटिफिकेशन में सईद के ब्रदर इन लॉ अब्दुल रहमान मक्की का भी जिक्र है। कहा गया है कि वो अपने वर्कर्स के साथ विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है।
नोटिफिकेशन के मुताबिक- सईद की आजादी देश की शांति के लिए खतरा साबित हो सकती है। पुलिस का भी मानना है कि अगर उसे रिहा किया गया तो वो लॉ एंड आॅर्डर के लिए बड़ी दिक्कतें खड़ी कर सकता है। पंजाब प्रांत के होम सेक्रेटरी आजम सुलेमान ने कहा- पब्लिक आॅर्डर मेंटेन करने के लिए उसका नजरबंदी में रहना ही ठीक है। सईद मुंबई के 26/11 हमले का मास्टरमाइंड है। इन हमलों में 6 अमेरिकी नागरिकों समेत 166 लोग मारे गए थे।

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