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नई दिल्ली। दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 74वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया। राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त, 1944 को हुआ था। 21 मई, 1991 को उनकी हत्या कर दी गई थी। उनकी जयंती पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, हम पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और देश के प्रति उनके योगदान को उनकी जयंती पर याद करते हैं।
महज 40 साल की उम्र में प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले राजीव गांधी को आज देश-दुनिया के लोग याद कर रहे हैं। राजीव गांधी की जयंती पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, बेटी प्रियंका गांधी, दामाद रॉबर्ट वाड्रा, नातिन मिराया ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राजीव गांधी को लोग एक ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने देश में खेल और कंप्यूटर को बढ़ावा देने के लिए काफी कुछ किया।लेकिन दिल्ली बीजेपी प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा ने पूर्व पीएम राजीव गांधी को लेकर एक विवादास्पद ट्वीट किया है. बग्गा ने ट्वीट किया- क्या आज मॉब लिंचर राजीव गांधी का जन्मदिन है? बीजेपी नेता ने जो वीडियो ट्वीट किया है, उसमें राजीव गांधी पूर्व प्रधानमंत्री और अपनी मां इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों का जिक्र कर रहे हैं. इस वीडियो में वो कह रहे हैं कि जब बड़ा पेड़ गिरता है तो जमीन हिलती ही है.राजीव गांधी की जयंती पर पूरे गांधी परिवार ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा ने उनकी समाधि पर फूल अर्पित करते हुए याद किया. इस अवसर पर बेटी मिराया भी साथ में मौजूद थीं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी 73वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की. राजीव गांधी 1984 से 1989 तक प्रधानमंत्री रहे. तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदुर में 21 मई, 1991 को आम चुनाव के प्रचार के दौरान एलटीटीई के एक आत्मघाती हमलावर ने राजीव गांधी की हत्या कर दी थी. 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद वह भारी बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने. राजीव गांधी की राजनीति में कोई रूचि नहीं थी और वो एक एयरलाइन पायलट की नौकरी करते थे और उसी में खुश थे. लेकिन आपातकाल के उपरान्त जब इंदिरा गांधी को सत्ता छोड़नी पड़ी थी. वहीं साल 1980 में छोटे भाई संजय गांधी की हवाई जहाज दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के बाद माता इंदिरा का सहयोग देने के लिए उन्होंने राजनीति में प्रवेश कर लिया.
उल्लेखनीय है कि मां इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 से 1989 तक राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री रहे। राजनीति से खुद को दूर रखने वाले राजीव गांधी मां की मौत के बाद पार्टी के दबाव में राजनीति में आए। मां इंदिरा गांधी की हत्या के शोक से उबरने के बाद उन्होंने लोकसभा के लिए चुनाव कराने का आदेश दिया। उस चुनाव में कांग्रेस को 508 में से रिकॉर्ड 401 सीटें मिलीं।

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