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मन की बात की 35 कड़ी


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में रविवार को कहा कि संप्रदाय, धर्म या व्यक्ति के नाम पर आस्था के आधार पर हिंसा को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। हर व्यक्ति को कानून का पालन करना होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा हिंसा पर चिंता जाहिर करते हुए यह बात कही। ऐसे में धर्म या किसी व्यक्ति के नाम पर हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा देश अहिंसा परमो धर्म: को मानने वाला देश है। यह महात्मा गांधी और सरदार पटेल का देश है। बाबा साहेब को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनके बनाए संविधान के अनुसार ही देश चल सकता है। ऐसे में कोई भी कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
पीएम नरेंद्र मोदी ने गणपति उत्सव और केरल में आने वाले ओणम उत्सव की देशवासियों को बधाई दी। हालांकि ये भी कहा कि त्योहारों के इस मौसम में हिंसा के हालात चिंता की बात हैं। इसके साथ ही जोड़ा कि त्योहारों के लिहाज से पर्यावरण पर ध्यान देना जरूरी है। उसी संदर्भ में कहा कि लोग ईको-फ्रेंडली गणपति उत्सव मना रहे हैं। ऐसे में स्वच्छता अभियान को इन त्योहारों को जोड़ना चाहिए। उन्होंने गणपति उत्सव को पर्यावरण और स्वच्छता अभियान से जोड़े जाने के प्रयासों की सराहना की।
पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात और बिहार में बाढ़ और उसके बाद उपजे हालात चिंता की बात है। हालांकि इसके बाद सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने गुजरात में जमायत-उलेमा-ए-हिंद के कार्यकतार्ओं की तारीफ करते हुए कहा कि इन लोगों ने बाढ़ की विभीषिका से निपटने में उत्तम काम किया है। इन कार्यकतार्ओं ने गुजरात के धनेरा में बाढ़ से प्रभावित 22 मंदिरों और तीन मस्जिदों को फिर से साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाया। दो अक्टूबर के लिहाज से पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा है। हमको स्वच्छता अभियान को एक आंदोलन के रूप में लेना चाहिए और स्वच्छता ही सेवा के मंत्र के साथ इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ऐसे में स्वच्छता अभियान से संबंधित प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को इससे ज्यादा से ज्यादा जोड़ा जाना चाहिए। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि इस साल दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत मिशन के तीन साल पूरे हो रहे हैं। अब तक दो लाख तीस हजार गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है।
पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में कहा कि जब हमारे घर के आस-पास कोई सामान बेचने के लिए आता है तो हम उससे दो-चार रुपये के लिए मोल भाव करते हैं जबकि बड़े-बड़े रेस्टोरेंट में आसानी से बड़े-बड़े बिल अदा कर देते हैं। ऐसे में हम गरीब से मोल-भाव करते हैं, जो कि उसे पीड़ा पहुंचाती होगी। वास्तव में इन दो-चार रुपये से आपके जीवन में कोई फर्क नहीं पड़ता होगा लेकिन इससे गरीब के जीवन पर असर पड़ता है। पुणे की अपर्णा ने पीएम मोदी को संदेश भेजकर इस मुद्दे को उठाने को कहा था। पीएम मोदी ने अपर्णा का इस ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए आभार प्रकट किया।
पीएम मोदी ने कहा कि 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद का जन्मदिन दिवस है। इस अवसर को हम खेल दिवस के रूप में मनाते हैं। ऐसे में देश की नई पीढ़ी से खेलों से जुड़ने का आग्रह किया। क्रिकेट के मैदान में युवाओं को क्रिकेट खेलना चाहिए। फिटनेस के लिए खेल जरूरी है। उन्होंने चिंता जताई कि पहले बच्चे खेलने जाते थे तो मां उनको घर बुलाने का आग्रह करती थी लेकिन अब बच्चे स्कूल से आने के बाद मोबाइल, कंप्यूटर खेलने में व्यस्त हो जाते हैं। लिहाजा अब मां को कहना पड़ रहा है कि जाओ जाकर खेलो। ऐसे में बच्चों को ज्यादा से ज्यादा खेलों में सक्रिय होना चाहिए। यह सेहत के लिहाज से भी जरूरी है।
पीएम मोदी ने कहा कि खेल मंत्रालय ने खेल प्रतिभा की खोज के लिए स्पोर्ट्स टैलेंट सर्च पोर्टल तैयार किया है। इस पर कोई भी बच्चा जिसने खेल के क्षेत्र में कुछ उपलब्धि हासिल की है, वो पोर्टल पर अपना बायोडाटा या वीडियो अपलोड कर सकता है। सलेक्ट इमर्जिंग प्लेयर्स को खेल मंत्रालय ट्रेनिंग देगा और मंत्रालय सोमवार को इस पोर्टल को लांच करने जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि छह अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक फीफा अंडर-17 वलर््ड कप का आयोजन देश में होने जा रहा है। ऐसे में हम यहां आने वाली सभी टीमों का स्वागत करते हैं।
उल्लेखनीय है कि यह प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 35 वां एपिसोड था। इससे पहले पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुनने के लिए देश भर में स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के केंद्रों में खास तैयारी की गई थी। पटियाला स्थित राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) सहित साइ देश भर में 12 बड़े केंद्रों और 50 से ज्यादा छोटे केंद्रों का संचालन करता हैं, जहां हजारों की संख्या में खिलाड़ी प्रशिक्षण लेते हैं।

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