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रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक की एक गोशाला में दो सौ से ज्यादा गायों की मौत हो गई है। राजपुर गांव के ग्रामीणों ने इलाके के रऊट को शिकायत करके बताया है कि मृत गायों को गांव के एक सुनसान इलाके में दफना दिया गया है। गांव के सरपंच सेवाराम साहू ने कहा कि भूखमरी के चलते 200 से ज्यादा गायों की मौत हुई है।
दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के राजपुर गांव स्थित इस गौशाला का संचालन स्थानीय बीजेपी नेता और नगर पालिका के उपाध्यक्ष हरीश वर्मा करते हैं। बताया जा रहा कि इस गौशाला में भूख और प्यास के चलते हफ्ते भर के भीतर दो सौ से ज्यादा गायों की मौत हो गई।
इस घटना की जानकारी गौशाला के संचालकों ने न तो प्रशासन को दी और ना ही पशुपालन विभाग और डाक्टरों को। गौशाला में गायों की स्थिति के बारे में स्थानीय प्रशासन को सूचित करने वाले ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इस गौशाला में ना तो चारा है और ना ही दाना-पानी और इसी वजह से गायों की मौत हुई है।
शिकायत मिलने के बाद सरकारी अफसरों ने गौशाला का दौरा किया। डॉक्टरों की एक टीम ने भी इस गौशाला का निरीक्षण किया। हालांकि दोनों ही विभागों ने अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दी है।
इस बीच गौशाला प्रबंधन ने ग्रामीणों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि निशक्त और बीमार सिर्फ 13 गायों की मौत हुई है। उनके मुताबिक ग्रामीण राजनैतिक द्वेष के चलते उन पर झूठा आरोप मढ़ रहे हैं।
इस गौशाला में लगभग साढ़े छह सौ गाय हैं और इनकी देखभाल के लिए राज्य गौसेवा आयोग से आर्थिक सहायता भी मिलती है, लेकिन हर महीने कितनी रकम मिलती है, इसका खुलासा ना तो प्रशासन ने किया है और ना ही गौशाला प्रबंधन ने।कांग्रेस ने उन गायों की गिनती करवाने की मांग की है जिनकी मौत हुई और जिन्हें बिना जानकारी के गौशाला संचालकों ने खाली खेतों में दफना दिया। राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने इलाके में स्थिति गौशालाओं का जायजा ले

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