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नई दिल्ली/श्रीनगर। टेरर फंडिंग मामले में एनआईए ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर में 12 जगहों पर छापे मारे। श्रीनगर, बारामुला और हंदवाड़ा में जांच एजेंसी ने कार्रवाई की। इस मामले में एनआईए कश्मीर के बड़े अलगाववादी नेता और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के बेटों नईम और नसीम से पूछताछ कर चुकी है। गिलानी को पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता माना जाता है। एजेंसी गिलानी के दामाद अल्ताफ अहमद शाह (अल्ताफ फंटूश) समेत कश्मीर के 7 अलगाववादी नेताओं को अरेस्ट भी कर चुकी है। राज्य के डिप्टी सुपरिटेंडेंट आॅफ पुलिस से भी पूछताछ हो चुकी है।
यह छापे श्रीनगर, बारामुला और हंदवाड़ा में टेरर फंडिंग मामले के आरोपियों संबंधित लोगों के ठिकानों पर मारे गए हैं।
जांच एजेंसी ने 9 अगस्त को गिलानी के बेटों नईम और नसीम से नई दिल्ली में अपने हेडक्वार्टर में पूछताछ की थी। एनआईए राज्य के डिप्टी सुपरिटेंडेंट आॅफ पुलिस फहीम अली से भी सवाल कर चुकी है। फहीम अली राज्य के पहले पुलिस अफसर हैं, जिनसे एनआईए ने इस मामले में पूछताछ की है। अली अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूख की सिक्युरिटी डील करते हैं। इसी साल मई के आखिर में सूत्रों के हवाले से ये खबर सामने आई थी कि तीन अलगाववादी नेताओं नईम खान, गाजी जावेद बाबा और बिट्टा कराटे ने एनआईए को पूछताछ में ये बताया है कि उन्हें घाटी में आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाक स्थित आतंकी संगठनों से फंड मिलता है। गिलानी का बड़ा बेटा नईम एक डॉक्टर है और पाकिस्तान में भी रह चुका है। नईम को गिलानी का उत्तराधिकारी माना जाता है। तहरीके-हुर्रियत में इसे गिलानी के बाद दूसरा कद हासिल है। गिलानी का छोटा बेटा नसीम जम्मू-कश्मीर सरकार में इम्प्लॉई है।

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