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दिल्ली के होटल, रियल स्टेट के कारोबारी भी करते हैं फंडिंग

 
नई दिल्ली। एनआईए को घाटी में 114 पत्थरबाजों का सुराग मिला है। इनकी पूरी सूची तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि 114 में से 80 पत्थरबाज सीधे हुर्रियत नेताओं के संपर्क में हैं। एनआईए ने इनकी पहचान मोबाइल नंबर और फेसबुक प्रोफाइल से की है। जांच में सामने आया है कि पत्थरबाजों को सक्रिय रखने के लिए 250 से 300 करोड़ रुपये लगाए गए हैं। पत्थरबाजों के लिए ये पैसा हवाला, हज की रकम और मेडिकल के नाम पर आ रहा था। पत्थरबाजी के लिए महीने, सप्ताह और रोजाना के आधार पर भुगतान किया जाता है। जांच में बताया है कि ए कैटेगिरी के एक पत्थरबाज को एक दिन के लिए 2000 रुपये, बी कैटेगिरी को 1000 और सी कैटेगिरी को 800 रुपये रोजाना मिलते हैं।

जांच के दौरान 30 ऐसे वाट्सऐप ग्रुप का भी पता चला है जहां से पत्थरबाजों को दिशा-निर्देश दिए जाते थे। इन सभी ग्रुप पर करीब 2000 पत्थरबाज सक्रिय रहते थे। ये पत्थरबाज दाहिने हाथ वाले हाफिज के संपर्क में रहते हैं।पत्थरबाजों के पाकिस्तानी आकाओं ने फंड देने के लिए अब ये शर्त रखी है कि वो उन्हें रोजाना की रिपोर्ट भेजेंगे। पत्थरबाजों को फंडिंग करने वाले करीब 20 लोग एनआईए के रडार पर हैं। इनमे से कुछ दिल्ली के होटल, रियल स्टेट के कारोबारी भी हैं। मुख्य रूप से पत्थरबाजों के लिए फंड पाकिस्तान और दुबई से आ रहा है। जल्द ही कुछ पत्थरबाजों को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया जा सकता है। एनआईए के रडार पर कुछ ऐसे भी लोग हैं जो पत्थरबाजी के लिए काबिल युवाओं का चयन करते हैं।

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