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इजरायल की अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के'मेक इन इंडिया' योजना में योगदान पर चर्चा 

येरूशलम। भारत और इजराइल के बीच संबंधों के एक नए युग की शुरुआत हुई है। दोनों देशों के बीच कृषि और स्पेस समेत सात समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। जिन सात समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं उनमें औद्योगिक विकास, जल संरक्षण, जल प्रबंधन, कृषि, परमाणु  घड़ी, जीओ-लियो आॅप्टिकल लिंक और छोटे उपग्रहों को लेकर समझौते हुए हैं।  भारत और इजरायल ने औद्योगिक शोध एवं विकास और नवोन्मेष के लिए चार करोड़ अमेरिकी डॉलर का कोष स्थापित करने पर सहमति जताई है। साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा, हमने पश्चिम एशिया और व्यापक क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की। भारत को उम्मीद है कि शांति, वार्ता और संयम कायम रहे।
वही इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मोदी के साथ वार्ता के बाद कहा कि हमें आतंकवाद की शक्तियां चुनौती दे रही हैं। हमने इस क्षेत्र में सहयोग पर सहमति जताई है।  भारत ने उसी तरह से हिंसा और आतंकी धमकियों को झेला है जिस तरह से इजरायल ने झेली है। हमने अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करने पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के राष्ट्रपति रूवन रिवलिन से भेंट कर द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ बनाने के उपायों और इजरायल की अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के 'मेक इन इंडिया' योजना में योगदान पर चर्चा की। इजरायल को भारत का सच्चा मित्र बनाते हुए मोदी ने रिवलिन की पिछले वर्ष नवंबर में हुई भारत यात्रा को याद किया।
दोनों देशों के बीच संबंधों की प्रशंसा करते हुए, मोदी ने कहा कि वर्तमान में भारत इजरायल के साथ, इजरायल के लिए है। तीन दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को पीएम मोदी तेल-अवीव पहुंचे यहां रिवलिन से उनके आवास पर भेंट की। उन्होंने ट्वीट किया,  इस्राइल के राष्ट्रपति ने मेरा पूरी गर्मजोशी से स्वागत किया, उन्होंने प्रोटोकॉल तोड़ दिया। यह भारत के लोगों के प्रति सम्मान का संकेत है। 

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