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नई दिल्ली। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नवगठित सरकार शुक्रवार को विधानसभा में बहुमत साबित कर लिया है। इसके लिए सुबह 11 बजे से बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। बिहार विधानसभा में विश्वासमत के दौरान कोई क्रॉस वोटिंग नहीं हुई है। जेडीयू और एनडीए के मिलाकर 132 विधायक थे और विश्वासमत में नीतीश को 131 विधायकों ने वोट किया। वहीं एक विधायक अस्पताल में भर्ती होने के चलते विधानसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं हो सके और वोटिंग नहीं कर सके। वहीं विपक्ष को 108 वोट मिले। इस सत्र के दौरान नीतीश कुमार ने विश्वासमत पेश किया। विधानसभा के भीतर अपनी बात रखते हुए तेजस्वी यादव नीतीश कुमार के खिलाफ हमालावर रवैये में दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पर भी हमला बोला। नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार आगे चलेगी, बिहार की खिदमत करेगी, भ्रष्टाचार और अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कुर्सी राजभोग के लिए नहीं होती है, सेवा करने के लिए होती है। वहीं विधानसभा की कार्यवाही के दौरान तेजस्वी यादव ने सुशील मोदी से पूछा, क्या आप अपमानित महसूस नहीं कर रहे। वहीं जब सुशील मोदी ने बोलना शुरू किया तो आरजेडी विधायकों ने हंगामा किया। सुशील मोदी ने कहा कि मैं कांग्रेस और आरजेडी को धन्यवाद देना चाहता हूं। क्योंकि तेजस्वी यादव इस्तीफा दे देते तो मैं यहां नहीं होता। उन्होंने कहा कि जनादेश बेनामी संपत्ति को बचाने के लिए नहीं था। 26 साल में 26 बेनामी प्रॉपर्टी के मालिक बनने के लिए नहीं था।
नीतीश कुमार पर जोरदार हमला करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, अगर नीतीश कुमार में हिम्मत थी तो वे मुझे बर्खास्त करते। वे मेरे आत्मविश्वास से डर गए हैं। इससे पहले उन्होंने नीतीश कुमार को बॉस कहकर संबोधित भी किया।  तेजस्वी यादव ने पूछा, कौन सी विचारधारा, कौन सी नैतिकता, दुनिया जानना चाहती है। छवि की बात है तो पूरा देश जानता है कि नीतीश जी का कितना आधार है। तेजस्वी ने साफ कहा कि मुझे कभी भी नीतीश ने इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा। वे पहले से ही बीजेपी के साथ सेटिंग कर रहे थे। इससे पहले बुधवार को महागठबंधन से इस्तीफा देने के बाद गुरुवार को नीतीश कुमार ने छठी बार बतौर बिहार के सीएम पद की शपथ ली। उनके अलावा बीजेपी नेता सुशील मोदी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इस समारोह में केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन भी शामिल हुए। मंत्रिमंडल समन्वय विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा मेहरोत्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी के बेहद संक्षिप्त राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सत्र के लिए दो एजेंडा तय किए गए हैं। पहला एजेंडा पूर्ववर्ती महागठबंधन सरकार के 28 जुलाई से 3 अगस्त तक दोनों सदनों का पांच दिवसीय मानसून सत्र बुलाने के फैसले को रद्द करना है। 

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