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सुप्रीम कोर्ट का केन्द्र को आदेश

नई दिल्ली। भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या पर सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले की सुनवाई पर कहा कि उनके कोर्ट में हाजिर होने पर ही सुनवाई की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि माल्या के पेश होने पर ही कोर्ट उसे सजा देगा। केन्द्र सरकार ने आज माल्या को भारत लाने के लिए किए गए प्रयासों के बारे मे कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या को 10 जुलाई को पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन कोर्ट के आदेश का पालन न करने और अदालत में उपस्थित पर अवमानना का दोषी करार दिया था। जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और यूयू ललित की बेंच ने इस मामले पर विचार के लिए 14 जुलाई निर्धारित की थी। अदालत ने इस मामले पर विचार के लिए सोलिसिटर जनरल रंजीत कुमार से भी राय मांगी थी। माल्या एक साल से ब्रिटेन में है, वहां लंदन की अदालत में उसके प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई चल रही है। हाल ही में माल्या ने भारत नहीं लौटने को लेकर अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि भारत के जेलों की हालत बेहद खराब है। भारत ने ब्रिटेन से निवेदन किया है कि माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए। 31 जनवरी 2014 तक किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का 6963 करोड़ रुपए बकाया था। इस कर्ज पर इंटरेस्ट के बाद माल्या की टोटल लायबिलिटी 9432 करोड़ रुपए हो चुकी है। सी.बी.आई. ने 1000 से भी ज्यादा पेज की चार्जशीट में कहा कि किंगफिशर एयरलाइंस ने आई.डी.बी.आई. की तरफ से मिले 900 करोड़ रुपए के लोन में से 254 करोड़ रुपए का निजी इस्तेमाल किया। किंगफिशर एयरलाइंस अक्टूबर 2012 में बंद हो गई थी। दिसंबर 2014 में इसका फ्लाइंग परमिट भी रद कर दिया गया था।

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