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हाफिज के साले मक्की ने बंदूक देकर किया सलाहुद्दीन को सम्मानित

नयी दिल्ली। पाकिस्तान में आतंकी सरगनाओं पर कोई रोक-टोक नहीं है। वे खुलेआम घूम रहे हैं और भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। अमेरिका द्वारा ग्लोबल आतंकी करार दिए गए सैयद सलाहुद्दीन को जमात उद दावा के आतंकी सरगना हाफिज सईद के साले मक्की ने बंदूक देकर सम्मानित किया है। सैयद सलाहुद्दीन हिज्बुल का सरगना है, जो कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। कश्मीर में मारे गए आतंकियों की याद में दल्फे-पाकिस्तान काउंसिल, जमात उद दावा और हिज्बुल मुजाहिद्दीन कश्मीर शहीद दिवस मना रहे हैं। तीनों आतंकी संगठन 19 जुलाई को लाहौर में एक बड़ी कॉन्फ्रेंस करेंगे। इससे पहले आतंकी संगठनों के सरगना पूरे पाकिस्तान में घूम-घूम कर जन संपर्क कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से एक दिन पहले अमेरिका ने सैयद सलाहुद्दीन को ग्लोबल आतंकी घोषित किया था। रविवार को इस्लामाबाद में सैयद सलाहुद्दीन को बंदूक देकर सम्मानित करना एक तरीके से अमेरिकी प्रतिबंध को ठेंगा दिखाना है। जमात उद दावा 7 जुलाई से 19 जुलाई तक अश्र शुहदा ए कश्मीर का आयोजन कर रहा है। इसके तहत आतंकी सरगनाओं ने लाहौर, इस्लामाबाद और पाक अधिकृत कश्मीर में जगह-जगह रैलियां और सभाएं की हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अमेरिकी दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की थी। इस मुलाकात से ठीक पहले अमेरिका ने पाक की सरपरस्ती में पल रहे आतंकी सैयद सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया। इसके बाद हिज्बुल की ओर से एक ट्वीट किया गया। इस ट्वीट में हिज्बुल ने लिखा कि अमेरिका ने भारत को खुश करने की अपनी नीति का एक और सबूत दिया है। ट्रंप ने नरेंद्र मोदी को लॉलीपॉप थमा दिया है। हिज्बुल के इस ट्वीट से साफ है कि वो सलाहुद्दीन को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किए जाने से परेशान है। हिंदुस्तान की जमीन पर सलाहुद्दीन पिछले 27 साल से दहशत के खौफनाक खेल को अंजाम दे रहा है। एक जमाने में उसने चुनाव मैदान में भी ताल ठोकी थी, लेकिन नाकाम होने के बाद वो पाकिस्तान की गोद में जा बैठा और बेगुनाहों का खून बहाने की नापाक साजिशों का सरगना बन गया। सलाहुद्दीन भारत के लिए किसी नासूर से कम नहीं। सीमा पार पाकिस्तान का दामाद बना सलाहुद्दीन हर रोज साजिशें रचता है। भारत के लिए गड्ढे खोदता है।

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