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तेजस्वी के खिलाफ सीबीआई की छापेमारी 

पटना। बिहार के उप-मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होने और उनके खिलाफ सीबीआई की छापेमारी के बाद उनके मंत्रिमंडल से इस्तीफे को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तेजस्वी यादव को लेकर तीन विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक पहले विकल्प के तौर पर तेजस्वी पर भ्रष्टाचार के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद नीतीश कुमार उनसे इस्तीफा मांग सकते हैं.दूसरे विकल्प के तौर पर नीतीश कुमार पूरे मामले को लेकर लालू प्रसाद यादव से बातचीत कर सकते हैं. उन्हें तेजस्वी से इस्तीफा दिलाने के लिए राजी किया जा सकता है. तीसरे विकल्प के तौर पर नीतीश कुमार तेजस्वी के खिलाफ चार्जशीट फाइल होने तक का इंतजार कर सकते हैं. दरअसल शुक्रवार को सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव सहित उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज करने के बाद 12 स्थानों पर छापेमारी की. इस मामले को लेकर सीबीआई ने राबड़ी देवी से 8 घंटे तक पूछताछ की, जबकि तेजस्वी यादव से अभी भी पूछताछ जारी है. छापे के दौरान सीबीआई ने तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता और पीके गोयल के निवास से लैपटॉप, आईपैड और मैल पर निविदा संबंधी दस्तावेजों को प्राप्त किया. विनय कोचर और विजय कोचर से खाता विवरण और ई-मेल आईडी भी ली गईं. उनसे जिन कंपनियों में उन्होंने काम किया, वहां का विवरण भी प्रस्तुत करने के लिए कहा. बैंक खाते/लॉकर का भी विवरण लिया गया.
वहीं आरजेडी का कहना है कि कैबिनेट मंत्री उमा भारती के खिलाफ बाबरी विध्वंस मामले में चार्जशीट दायर हो जाने के बाद भी वह मंत्रिमंडल में बनी हुई हैं, तो फिर तेजस्वी से इस्तीफा क्यों मांगा जा रहा है?  सीबीआई की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद के मनोज झा ने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन करार दिया. उन्होंने कहा कि राजद इस तरह की हरकतों से नहीं झुकेगी. पार्टी इस मामले में कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी. गौरतलब है कि सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी यादव, बेटे समेत कई अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है. इसके अलावा जांच एजेंसी ने दिल्ली, पटना, रांची, पुरी और गुरुग्राम समेत 12 ठिकानों पर छापेमारी की है. लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेज प्रताप के अलावा दो कपंनियों के डायरेक्टरों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. लालू पर आरोप है कि रेलमंत्री रहने के दौरान उन्होंने रांची और पुरी समेत अन्य रेलवे होटलों के विकास और मरम्मत का ठेका निजी कंपनियों को दिया था.

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