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भाई शाहबाज हो सकते हैं अगले प्रधानमंत्री 

 
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट ने पनामागेट मामले में फैसला सुनाते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अयोग्य घोषित कर दिया है। पांच सदस्यीय बेंच ने सर्वसम्मति से इस निर्णय की घोषणा की। नवाज शरीफ के साथ ही वित्त मंत्री इशाक डार को भी सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्य घोषित किया है। कोर्ट ने नवाज शरीफ के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। वहीं, कोर्ट ने एनएबी को छह हफ्तों के अंदर पनामागेट मामलें में जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश एजाज ने कहा कि वह अब संसद के एक ईमानदार सदस्य के तौर पर योग्य नहीं रहे और उन्हें पीएम पद रहने से रोका जाता है। शरीफ के सहयोगियों ने आरोप लगाया कि ये उन्हें पद से हटाने की साजिश है। फैसले के बाद रेल मंत्री ख्वाजा साद रफीक ने ट्वीट किया, यह जवाबदेही नहीं बल्कि बदला है। हमें बेदखल करने के प्रयास में लोकतांत्रिक व्यवस्था को लक्ष्य बनाया गया है। नवाज शरीफ के पीएम पद से हटने के बाद संभावना है कि रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ अंतरिम प्रधानमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, पिछले दिनों ये खबर रही हैं कि नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ अब अगले प्रधानमंत्री हो सकते हैं। उन्हें पाकिस्तान नेशनल असेंबली का सदस्य बनने के लिए उपचुनाव जीतना होगा। शरीफ पर प्रधानमंत्री पद पर रहने के दौरान धनशोधन के जरिए लंदन में संपत्ति बनाने के आरोप हैं और इसका खुलासा पिछले साल पनामा पेपर लीक में हुआ था। अगर शरीफ भ्रष्टाचार और काले धन को सफेद बनाने के मामले में दोषी ठहराए जाते हैं तो उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य ठहराए जाने की आशंका है। वह पाकिस्तान के रिकॉर्ड तीन बार प्रधानमंत्री बने हैं। अदालत द्वारा देर शाम जारी पूरक कार्य सूची के अनुसार इस मामला में फैसला आज सुबह 11:30 बजे सुनाया जाएगा। इस बीच, गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने कहा कि वह पनामागेट मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे देंगे और राजनीति छोड़ देंगे। उनकी इस घोषणा से उनके समर्थक और सत्तारुढ़ पीएमएल-एन स्तब्ध है। उनके विरोधियों ने जिस तरह से उन्हें शरीफ से दूर रखा उस पर उन्होंने बेहद नाराजगी जताई है। आज फैसला सुनाने की बात बहुत सारे लोगों के लिए हैरान करने वाली रही क्योंकि पहले कहा गया था कि अदालत की दो हफ्ते की कार्य सूची में पनामा मामला शामिल नहीं है। शरीफ के परिवार की विदेश में संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच के लिए संयुक्त जांच दल (जेआईटी) का गठन किया गया था और जेआईटी ने 10 जुलाई को अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंप दी थी।रिपोर्ट में कहा गया था कि शरीफ और उनके बच्चों का रहन-सहन, उनके आय के ज्ञात स्रोत के मुताबिक नहीं है। रिपोर्ट में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का नया मामला दर्ज करने का सुझाव दिया गया था। इसी मामले में अदालत को कल फैसला सुनाना है।

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