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तेजस्वी का इस्तीफा लगभग तय, बीच का रास्ता निकालने की कोशिश
किसी भी कीमत पर महागठधंन को एकजुट रखना चाहती है कांग्रेस 

पटना। बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर महागठबंधन में लगातार बढ़ रही दरार को कम करने के लिए अब कांग्रेस मध्यस्थ की भूमिका में आई है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव दोनों से बातचीत की है। माना जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव के रांची से लौटने के बाद शनिवार को इस पर कुछ फैसला आए। हालांकि जो बीच का रास्ता है उसमें तेजस्वी यादव का इस्तीफा तय माना जा रहा है। महागठबंधन के बीच बढ़ रही तनातनी को कम करने के लिए कांग्रेस ने कदम बढ़ाया है और बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है। लेकिन जहां तक तेजस्वी यादव के इस्तीफे की बात है तो इस पर जनता दल किसी समझौता के लिए तैयार नहीं है। जेडीयू का मानना है कि तेजस्वी यादव को पद छोड़ देना चाहिए और ये आरजेडी पर निर्भर करता है कि वो चाहे जिसे उनकी जगह दे। उनमें लालू प्रसाद यादव की दूसरे नंबर की बेटी रोहिणी यादव का नाम आ रहा है क्योंकि रोहिणी यादव का ससुराल किसी राजनैतिक दल से संबंधित नहीं है। कांग्रेस किसी भी कीमत पर महागठधंन को एकजुट रखना चाहती है। खासकर उपराष्ट्रपति के चुनाव तक और इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार और लालू यादव से बातचीत कर हल निकलने की गुजारिश भी की है। ऐसा लगता है कि लालू प्रसाद यादव रांची चारा घोटाले में सुनवाई के बाद जब शनिवार को पटना लौटेंगे तब इस पर कोई बातचीत बनेगी। ऐसा इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि आरजेडी ने अपने प्रवक्ताओं को बयान देने से मना कर दिया है। गुरुवार को आरजेडी विधायक भाई वीरेन्द्र के 80 विधायक के बयान पर जनता दल (यू) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जेडीयू का कहना है कि नीतीश कुमार सत्ता के भूखे नहीं हैं। उन्हें इस्तीफा देने में पांच मिनट भी नहीं लगेंगे। आरजेडी भी गठबंधन तोड़ने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में रास्ता यही है कि फिलहाल तेजस्वी यादव से इस्तीफा लिया जाये। हांलाकि तेजस्वी यादव ने ट्वीट के जरिए लिखा है कि भूंजा खाओं और मस्त रहों। यानी वो इन सब बातों से अपने को बेफिक्र जताना चाहते हैं।

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