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कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगी विपक्ष
हंगामे की भेंट चढ़ सकता है यह सत्र 

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 17 जुलाई से शुरू हो रहा है। सत्र के पहले ही दिन राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। इस सत्र में किसानों पर फायरिंग, नोटबंदी, जीएसटी समेत कई ऐसे मुद्दे हैं जिसपर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। संसद का ये सत्र काफी हंगामेदार रहने की आशंका है। विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच और सीबीआई-ईडी के छापों का मुद्दा भी छाया रह सकता है। सारदा घोटाले में तृणमूल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामले तथा पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के परिजनों एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद के परिजनों पर छापे मारे गये थे। इसके लिए विपक्ष ने मोदी सरकार पर बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया था। इस सत्र में कई मुद्दे छाये रह सकते हैं। पिछले महीने मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग का मुद्दा सबसे ज्यादा इस सत्र में छाया रह सकता है। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश का दौरा कर किसानों पर फायरिंग का मुद्दा उछाला था। कांग्रेस समेत तमाम दलों ने मोदी राज में किसानों के हितों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। जीएसटी को लेकर भी काफी हंगामा होने की आशंका है। एक जुलाई को आधी रात को भव्य समारोह में मोदी सरकार ने जीएसटी लॉन्च किया था और इसे देश में सबसे बड़ा आर्थिक सुधार बताया था। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस समारोह का बहिष्कार किया था। विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार ने बिना तैयारी के जीएसटी लागू किया और इसमें आम लोगों और कारोबारियों के हितों का ख्याल नहीं रखा गया है। इस मुद्दे को लेकर संसद में हंगामा हो सकता है। दो दिन पहले आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल संसदीय समिति के सामने पेश हुए थे। नोटबंदी के आंकड़ों को पेश करने की बजाय उन्होंने कहा था कि अभी पुराने नोटों की गिनती जारी है। इसे लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर मोदी सरकार पर तंज भी कसा था। इस मुद्दे को भी विपक्ष संसद में उछालना चाहेगा। विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले से आम लोगों को बड़ा नुकसान हुआ। संसद के इस सत्र में आतंकी हमलों और कश्मीर का मुद्दा भी छाया रह सकता है। अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस ने सुरक्षा व्यव्स्था और मोदी सरकार की कश्मीर नीति पर सवाल खड़े किए थे। संसद में विपक्ष सरकार को घेर सकता है। चीन बॉर्डर पर बढ़ते तनाव को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। हाल में राहुल गांधी की चीनी राजदूत से मुलाकात की खबर को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप चले थे। सुषमा स्वराज औ? राजनाथ सिंह ने जब चीन मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई तो भी कांग्रेस ने कहा कि संसद में अपने बचाव के लिए सरकार विपक्ष की राय लेने का बस दिखावा कर रही है।

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