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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी  में पिछले 24 घंटे से चला आ रहा ड्रामा कुमार विश्वास के मान जाने से खत्म समझा जा रहा है। केजरीवाल एंड कंपनी कुमार को मनाने में कामयाब रही, यही नहीं उनमें विश्वास दिखाते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी भी दी। साथ ही पार्टी ने कुमार विश्वास की शर्तों को भी मान लिया है। अमानतुल्लाह को सस्पेंड करने का फैसला किया गया। ऐसे में सवाल ये है कि इस तमाम उठापटक में कुमार विश्वास को क्या मिला? आप कुमार विश्वास को मनाने के साथ किन चीजों को अपने तरीके से साध गई।यानी कुमार का पार्टी से 'विश्वास' भी नहीं डिगा और केजरीवाल ने अगले मिशन के लिए कुमार के कंधों पर जिम्मेदारियां भी डाल दी।

जाहिर है कि कुमार विश्वास को बीजेपी का एजेंट बताने वाले अमानतुल्लाह के खिलाफ एक्शन का फैसला कुमार विश्वास की शर्तों को पूरा करने के लिए ही किया गया है। कुमार के मान जाने के बाद सिसोदिया ने कहा कि भले ही विश्वास लगातार कह रहे हों कि उन्हें पद और पार्टी का कोई लालच नहीं है, लेकिन पार्टी ने उनकी जिम्मेदारियों को बढ़ाते हुए राजस्थान का प्रभारी बना दिया है। बता दें कि राजस्थान में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और आम आदमी पार्टी ने यही से दांव खेला है। कुमार विश्वास लगातार पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़ा कर रहे थे। केजरीवाल ने उन्हें राजस्थान की जिम्मेदारी देकर उन पर विश्वास दिखाया है। कुमार विश्वास के पास ज्यादा समय नहीं है और उनको राजस्थान में कुछ कर गुजरना होगा। वरना कुमार के खिलाफ एक बार फिर आवाजें उठेंगी?

दूसरी ओर प्रभारी बनाए जाने के बाद स्पष्ट है कि राजस्थान चुनाव में आम आदमी पार्टी की ओर से कुमार विश्वास चुनाव में मुख्य चेहरा होंगे. कुमार विश्वास का राजस्थान से खास रिश्ता है और उनकी पत्नी मंजू शर्मा भी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से है। खुद कुमार विश्वास राजस्थान में घूम-घूम अपनी कविताएं गाते रहे हैं और उनकी अपनी फैन फालोइंग है।

खास बात यह है कि केजरीवाल के घर मीटिंग के बाद बाहर निकलते वक्त कुमार विश्वास के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं यानि आने वाले दिनों में पार्टी में उनकी भूमिका बढ़ेगी और कुमार विश्वास के साथ राजस्थान में उनकी पत्नी भी मोर्चा संभालेंगी। कहा जा सकता है कि पति-पत्नी ने मिलकर गोटियां तरीके से सेट की हैं। यही नहीं 2014 के आम चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी और स्मृति ईरानी के खिलाफ चुनाव लड़ने के समय कुमार विश्वास के साथ उनकी पत्नी भी साथ रहीं। यानि मंजू शर्मा के लिए राजनीति नई चीज नहीं है और लंबे समय से पर्दे के पीछे सक्रिय रही हैं।

कहा जा सकता है कि केजरीवाल एंड कंपनी ने कुमार विश्वास को जिम्मेदारियां देकर उन्हें साधने की कोशिश की है. वहीं कुमार विश्वास ने राजस्थान का प्रभार लेकर भविष्य में अपने कद को और बड़ा करने की नींव रखी है. अगर राजस्थान में कुमार विश्वास पार्टी को आशातीत सफलता दिलाने में कामयाब रहते हैं, तो उनका कद बढ़ेगा और फिर केजरीवाल के बराबर खड़ा होने से उन्हें कोई रोक नहीं सकता।

पिछले दो तीन दिनों से चल रहे ड्रामे में यह बात निकल कर सामने आई थी कि कुमार विश्वास के साथ भी विधायकों का एक गुट था और उन्हीं की शह पर कुमार ने दबाव बनाए रखा... विश्वास के मान जाने के बाद उनके समर्थकों में बंटी मिठाइयां और जश्न से साफ है कि कुमार विश्वास का गुट बाजी मार ले गया।

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