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विष्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल हुआ 51 वर्शों का  सन् 1965 में महज 25 बटालियनों की जनषक्ति के साथ गठित इस बल के पास 186 बटालियनों का विषाल बेड़ा है जिसकी जनषक्ति 2,50000 से भी अधिक की है।  यह बल भारत-पाक और भारत-बांग्लादेष की लगभग 7000 किलोमीटर लंबी अंतर्राश्ट्रीय सीमा की रखवाली करता है।  इस वर्श बड़े पैमाने पर हेरोइन की जब्ती। अंतर्राश्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1300 करोड़ रुपये।  संयुक्त राश्ट्र मिषन के षांति अभियानों में इसके 300 से भी अधिक सदस्यों की सहभागिता।  राष्ट्र की रक्षा में प्रदर्षित अतुल्य षौर्य के प्रदर्षन एवम् विषिश्ट तथा सराहनीय सेवाओं के लिये 4000 से भी अधिक पदकों से सम्मानित बल। सीमा सुरक्षा बल: एक संक्षिप्त परिचय - 1. दिनांक 01 दिसंबर 2016 को यह बल राश्ट्र के प्रति अपनी अनन्य निश्ठाओं, अपूर्व समर्पण और यषस्वी सेवाओं से भरे 51 साल पूरे कर लेगा। 2. अपने उदय के वक्त से ही इस बल ने, सीमाओं की सुरक्षा सहित अन्य आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों, उग्रवाद - आतंकरोधी अभियानों और माओरोधी अभियानों में अपनी अप्रतिम सेवाओं के दम पर अपना इतिहास स्वयं रचा है। इस बल के पेषेवर दृश्टिकोण और सौंपे गये दायित्वों के सावधानीपूर्वक निश्पादन की क्षमता ने इस बल को उस मुकाम पर ला खड़ा किया है जहां राश्ट्र आज इसे ‘सुरक्षा की प्रथम पंक्ति’ के नाम से संबोधित करते हुए गर्व का अनुभव करता है। सीमा प्रहरी मानव मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए, सीमावासियों के सहयोग से, अपने 2 अदम्य साहस और कठिन परिश्रम से अपने आदर्ष वाक्य ‘‘जीवन पर्यंत कत्र्तव्य’’ पर चलते हुए 51 वर्शों से निरतंर सीमाओं को सुरक्षित रखते आए हैं। 3. आज इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल अपने उन 1733 षहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है, जो कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। सीमा प्रहरियों के इस सर्वोच्च बलिदान और षौर्य के मान्यतास्वरूप भारत सरकार ने इन्हें 01 महावीर चक्र, 11 वीर चक्र, 04 कीर्ति चक्र, 13 षौर्य चक्र, 232 वीरता के लिये राश्ट्रपति पुलिस पदक और 891 वीरता पुलिस पदकों से अलंकृत किया है। प्रत्येक सीमा प्रहरी को इनपर फख्र है।इस साल भी गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर 121 सीमा प्रहरियों को सम्मानित किया गया। इनमें से ‘वीरता के लिये राश्ट्रपति पुलिस पदक’ से 01 सीमा प्रहरी को,‘ वीरता के लिये पुलिस पदक’ से 17 सीमा प्रहरियों को, ‘विषिश्ट सेवा के लिये पुलिस पदक’ से 11 सीमा प्रहरियों को और 92 सीमा प्रहरियों को ‘सराहनीय सेवा के लिये पुलिस पदक’ से सम्मानित किया गया। 4. पष्चिमी सीमाओं पर, विषेश रूप से जम्मू और कष्मीर की अंतर्राश्ट्रीय सीमाओं पर, सीमा सुरक्षा बल जवान नितांत ही अस्थिर परिस्थितियों में अपनी ड्यूटियों को निभा रहे हैं और समुचित प्रत्युत्तर देते हुए, पाकिस्तानी फौज द्वारा भारतीय सीमाओं में सषस्त्र घुसपैठ किये जाने के प्रयत्नों को निरंतर नाकारा कर रहे हैं। सीमा सुरक्षा बल जिस निश्ठा, वीरता और तत्परता से अपनी सीमाओं की रक्षा में निरंतर तैनात है, उसे संपूर्ण राश्ट्र की सराहना प्राप्त हो रही है। 5. सीमाओं के संदर्भ में - सीमा सुरक्षा बल कुल 6386.36 किलोमीटर अंतर्राश्ट्रीय सीमाओं का सीमा प्रबंधन करता है। इसमें पाकिस्तान से लगती सीमाओं की लंबाई 2289.66 किलोमीटर तो बांग्लादेष के साथ लगने वाली सीमाओं की लंबाई 4096.7 किलोमीटर है। इन सीमाओं का प्रबंधन यह अपने सीमांतों के द्वारा करता है, जिनकी कुल संख्या 13 है। इस समय इस बल की 186 बटालियनें हैं, जिनमें 03 आपदा प्रबंधन बटालियनें भी षामिल हैं। 6. प्रमुख सीजर - (दिनांक 01 दिसंबर 2015 से 20 नवंबर 

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