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गया : बिहार के गया जिला में रोड रेज मामले के मुख्य आरोपी रॉकी यादव ने उच्चतम न्यायालय की ओर से जमानत पर रोक लगाए जाने के बाद आज स्थानीय व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। छह-सात मई की रात में छात्र आदित्य सचदेवा की हत्या मामले में पटना उच्च न्यायालय ने उसे जमानत दे दी थी लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इस पर रोक लगा दिया।
बिहार में सत्ताधारी पार्टी जदयू से निलंबित पाषर्द मनोरमा देवी और राजद के बाहुबली नेता बिंदी यादव के पुत्र रॉकी यादव को आदित्य हत्या मामले में गत आठ मई को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। पटना उच्च न्यायालय द्वारा गत 19 अक्तूबर को इस मामले में रॉकी को जमानत दिए जाने के बाद बिहार सरकार ने उसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी।
उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद रॉकी ने गया की एक अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के पूर्व अदालत परिसर में पत्रकारों से रॉकी ने कहा कि वे उसी प्रकार से न्यायपालिका में विश्वास रखते हैं जिस प्रकार से एक मां अपने बच्चे के प्रति रखती है। हमारे खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद और मनगढंत हैं। मुझे अदालत में पूरा विश्वास है। इस अवसर पर मनोरमा ने कहा कि वह भी अदालत में विश्वास रखती हैं। उन्होंने अपने पुत्र को मीडिया रिपोर्ट के आधार पर अदालत में पेश किया है। इससे पूर्व रॉकी ने अपनी पहचान छुपाने के लिए हलमेट पहनकर सीधे अतिरिक्त जिला न्यायधीश (नवम) की अदालत में पहुंचा। रॉकी के पहुंचने पर उनके माता-पिता बिंदी यादव और माता मनोरमा देवी अदालत में पहुंचे। अदालत द्वारा रॉकी को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। गया पुलिस को चकमा देते हुए नई दिल्ली से एक उड़ान के जरिए आज सुबह पटना पहुंचने पर रॉकी सीधे गया जिला के रवाना हो गया। पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिलने पर गत 20 अक्तूबर को गया जेल से रिहा हुए रॉकी की खुशियां मात्र नौ दिनों की रहीं और दीवाली पर्व के एक दिन पूर्व वह फिर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया। गत 6-7 मई की रात्रि में गया जिला के रामपुर थाना अंतर्गत पुलिस लाईन के समीप वाहन ओवर टेक करने को लेकर हुए विवाद में रॉकी यादव ने 12वीं कक्षा के छात्र आदित्य सचदेवा (19) की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
आदित्य सचदेवा हत्या मामले के मुख्य आरोपी रॉकी यादव को गत 10 मई को उसके पिता बिंदेश्वरी यादव के बोधगया थाना अंतर्गत मस्तपुरा गांव स्थित मिक्सर प्लांट परिसर से हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए पिस्टल (ब्रेटा कंपनी निर्मित) के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था। बिहार सरकार ने इस मामले का स्पीडी ट्रायल कराने का निर्णय लेते हुए इस हत्याकांड की जांच घटना के तीन सप्ताह के भीतर पूरा करने के साथ इससे संबंधित आरोपपत्र एक महीने के अंदर अदालत में पेश कर दिया था।

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