0

भुवनेश्वर: ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर के सम अस्पताल में कल शाम लगी आग में कम से कम 22 मरीजों की मौत हो गई जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं । यह राज्य में किसी अस्पताल में हुई भयावह घटनाओं में से एक है । हादसे की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है जो 30 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। माना जा रहा है कि सम अस्पताल की पहली मंजिल पर बने डायलिसिस वॉर्ड में बिजली शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी जो पास के सघन चिकित्सा केंद्र (आईसीयू) सहित अन्य जगह तक तुरंत फैल गई । सम अस्पताल की इमारत चार मंजिली है ।
सम अस्पताल में आग की घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हादसे को त्यंत दुखद करार दिया । मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिया कि वे सम अस्पताल से लाए गए मरीजों को जरूरी इलाज मुहैया कराएं । उन्होंने सभी निजी अस्पतालों से भी अनुरोध किया कि वे सम अस्पताल के मरीजों का इलाज करें । इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे दिमाग झकझोर देने वाली घटना करार दिया ।
भुवनेश्वर में अधिकारियों ने बताया कि पुलिस आयुक्त कार्यालय और दमकल कर्मियों ने स्वयंसेवकों एवं अस्पताल कर्मियों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया, क्योंकि 500 से ज्यादा मरीज इमारत में फंसे हुए थे । आग पर काबू पाने के लिए कम से कम सात अग्निशमन वाहनों को लगाया गया और नाजुक हालत वाले मरीजों को अन्य अस्पतालों में भेजने के लिए एक दर्जन से ज्यादा एंबुलेंस लगाए गए । एक चश्मदीद ने कहा कि कई मरीजों को खिड़कियों के शीशे तोड़कर निकाला गया ।
ओड़िशा सरकार ने घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं । मेडिकल शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के निदेशक मामले की जांच करेंगे । राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अतनु एस नायक ने कहा कि यदि अस्पताल अधिकारियों को लापरवाही का दोषी पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी । कैपिटल अस्पताल के निदेशक बी बी पटनायक ने कहा कि कई पीड़ित सम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे और जीवन रक्षक प्रणाली पर रह रहे थे । ज्यादातर मौतें दम घुटने से हुई । उन्होंने कहा कि नाजुक तौर पर घायल हुए दो मरीजों को कैपिटल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है । डॉ. पटनायक ने बताया कि कैपिटल अस्पताल के अलावा मरीजों को पास के अमरी अस्पताल, अपोलो अस्पताल, कलिंग अस्पताल, कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और राज्य राजधानी क्षेत्र के कुछ अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया । गौर हो कि साल 2011 में कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल में भीषण आग लगी थी जिसकी चपेट में आने से 89 लोग मारे गए थे जिनमें 85 मरीज थे ।

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top