0

नई दिल्ली : 
पर्यटन मंत्री महेश शर्मा रामायण संग्रहालय स्थापना के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करने के लिए मंगलवार को अयोध्या का दौरा करेंगे। इस कदम को उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले हिंदुत्व समर्थक तत्वों को लुभाने के एक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। पर्यटन मंत्री आज इस रामायण म्‍यूजियम का ऐलान करेंगे। बाद में वे रामलला के दर्शन भी करने जाएंगे। इस म्‍यूजियम में भगवान राम और रामायण से जुड़ी चीजें होंगी।
शर्मा ने इस दौरे के पीछे राजनीतिक एजेंडा होने को कोई महत्व नहीं दिया और कहा कि यह मोदी सरकार की पर्यटन विकास योजना का हिस्सा है और इसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश के चुनाव से नहीं जोड़ा जाना चाहिए जहां विधानसभा चुनाव अगले वर्ष होना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या की मेरी यात्रा का उत्तर प्रदेश के चुनाव से कोई लेना देना नहीं है। मैं वहां की यात्रा एक पर्यटन मंत्री के तौर पर कर रहा हूं। इसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए बल्कि यह अयोध्या और पूरे देश में पर्यटन को सुधारने के सरकार के प्रयास का हिस्सा है। शर्मा ने कहा कि संग्रहालय रामायण सर्किट का हिस्सा होगा जिसके लिए केंद्र ने 225 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं जिसमें से 151 करोड़ रुपये केवल अयोध्या के लिए हैं जो कि सर्किट का केंद्र है। करीब 25 एकड़ के क्षेत्र में इसका निर्माण होगा।
मंत्री ने कहा कि राम करोड़ों लोगों के हृदय में हैं। एक पर्यटन मंत्री के तौर पर मुझे देखना होगा कि अयोध्या का कैसे विकास हो सकता है, रामायण सर्किट का विकास किस तरह से पर्यटक के दृष्टिकोण से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तीन सर्किट की पहचान की है जिसमें रामायण सर्किट, कृष्ण सर्किट और बौद्ध सर्किट शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने संग्रहालय के लिए 25 एकड़ प्लाट की पहचान की है जो विवादित राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद परिसर से करीब 15 किलोमीटर दूर है। शर्मा अपने इस दौरे के दौरान रामायण सर्किट सलाहकार बोर्ड के साथ एक बैठक भी करेंगे। बैठक में प्रस्तावित संग्रहालय को नेपाल और श्रीलंका स्थित रामायण से जुड़े स्थलों से जोड़ने के मार्ग के बारे में चर्चा होगी। सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय मंत्री इसके साथ ही एक अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन की योजना पर भी चर्चा करेंगे जिसका आयोजन या तो अयोध्या या चित्रकूट जिले में होगा। सम्मेलन में करीब 12 देशों के प्रतिनिधियों के भी हिस्सा लेने की उम्मीद है। उम्मीद है कि शर्मा संग्रहालय निर्माण के बारे में धार्मिक नेताओं के साथ बैठक करेंगे जिसमें भगवान राम की जीवन गाथा को चित्रित किया जाएगा।
पर्यटन चूंकि एक राज्य का विषय है, शर्मा ने सर्किटों के विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से सहयोग मांगा जिससे पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि इसमें विदेशी मुद्रा, रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण की काफी संभावना है। भाजपा यद्यपि इस बात पर जोर दे रही है कि राम मंदिर का मुद्दा उत्तर प्रदेश के चुनाव में चुनावी मुद्दा नहीं होगा लेकिन प्रस्तावित रामायण संग्रहालय और संबंधित गतिविधियों को हिंदुत्व समर्थक तत्वों को संतुष्ट रखने के एक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। दशहरा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनउ में कार्यक्रम में हिस्सा लिया था जहां उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत और समापन ‘जय श्रीराम, जय श्रीराम’ उद्घोषों से की थी। 

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top