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नई दिल्ली: रेल मंत्रालय टिकट बुकिंग सिस्टम को आधार कार्ड से जोड़ने जा रहा है। यानी इसका मतलब यह हुआ कि अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो आपको ट्रेन की टिकट नहीं मिल पाएगी। साथ ही एक बार पैसेजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) में यात्री का आधार कार्ड नंबर दर्ज हो गया तो भविष्य में उसे बार-बार रिजर्वेशन फार्म भरने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। इससे रेल टिकटों की दलाली पर भी पूरी तरह से अंकुश लगेगा।
एक अंग्रेजी वेबसाइट के मुताबिक आईआरसीटीसी इस साल दिसंबर से इस नियम को लागू करने की तैयारी कर रहा है। जानकारी के मुताबिक नए नियम दो चरणों में लागू किया जा सकता है। पहले चरण में विशेष छूट वाली टिकट को बुक करने के लिए आधार जरूरी होगा। दूसरे चरण में यह सभी यात्रियों के लिए अनिलार्य हो जाएगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 96 फीसदी नागरिकों के पास आधार कार्ड है और जिनके पास नहीं है उन तक जल्द से जल्द पहुंचाने के लिए सरकार भरपूर प्रयास कर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस साल दिसंबर तक आधार से टिकट बुकिंग का काम शुरू हो जाएगा। वर्तमान में टिकट बुक कराने के लिए रिजर्वेशन फार्म में नाम, पता, उम्र, मोबाइल नंबर, दूसरे यात्रियों की जानकारी लिखनी पड़ती है। लेकिन आधार कार्ड बुकिंग से यात्री को केवल ट्रेन नंबर, गंतव्य व कैटेगरी के बारे में लिखना होगा। यात्री का आधार कार्ड नंबर डालते शेष समस्त जानकारी स्वत: कंप्यूटर स्क्रीन पर आ जाएगी। ऐसे यात्री हर बार अपने आधार नंबर से टिकट बुक करा सकेंगे। रेल यात्रियों को 92 पैसे के प्रीमियम में 10 लाख का बीमा योजना में भी आधार कार्ड सहायक होगा। इससे बीमा कंपनियों को औपारिकताएं पूरी करने में आसानी होगी। आने वाले समय में बीमा का प्रीमियम 50 पैसे प्रति यात्री से भी कम हो सकता है। हालांकि रेल यात्री बीमा योजना प्रयोग के तौर पर एक साल के लिए शुरू की गई है

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