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पटना/दिल्ली: बिहार की वर्तमान महागठबंधन सरकार को कटघरे में खडा करते हुए एनडीए ने प्रदेश के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपकर राजद के पूर्व सांसद और गैंगस्टर शहाबुद्दीन पर अपराध नियंत्रण कानून (क्राइम कंट्रोल एक्ट) (सीसीए) लगाने की मांग की। कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नीतीश सरकार सीसीए लगाकर शहाबुद्दीन को फिर जेल भेज सकते हैं। शहाबुद्दीन को हाल में जेल से रिहा किया गया। शहाबुद्दीन ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री बताया था।
सीएम नीतीश ने शहाबुद्दीन की उस टिप्पणी कि वे ‘परिस्थितियों के मुख्यमंत्री’ हैं को महत्व नहीं देते हुए कहा था कि दुनिया को मालूम है कि बिहार की जनता का क्या जनादेश है। तो हम जनता के मुताबिक चलें या कोई आदमी कुछ बोल रहा है उस पर ध्यान दें। आज तक हम लोगों ने कभी ध्यान दिया है। इन सब बातों का कोई महत्व नहीं है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा था, ‘लालू प्रसाद हमारे नेता हैं और हम उनको मुख्यमंत्री देखना चाहते थे। जब महागठबंधन बना तो इसके नेताओं ने फैसला किया कि नीतीश कुमार उनके नेता होंगे। मैं इससे सहमत नहीं था लेकिन इसको माना।’ 
महागठबंधन सरकार में पहली बडी तल्खी दिखी जब जदयू ने राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह द्वारा मोहम्मद शहाबुद्दीन की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ की गयी टिप्पणी का समर्थन किए जाने पर कडा एतराज जताते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद से अपील की कि वे अपनी पार्टी के भीतर गठबंधन धर्म की मर्यादा के पालन का भरोसा दिलाएं। पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में एनडीए के एक शिष्टमंडल ने सोमवार को नौ बिंदुओं वाला एक ज्ञापन सौंपकर शहाबुद्दीन पर सीसीए लगाए जाने और उन्हें विभिन्न मामलों में जेल की सलाखों के पीछे डाले जाने की मांग की। भाजपा के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सुशील ने कहा कि हमलोगों ने राज्यपाल को शहाबुद्दीन को छोडे जाने से जुड़ी सच्चाइयों से अवगत कराया और उनपर सीसीए लगाकर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजे जाने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने उनकी बातों को सुना और भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को संवैधानिक दायरे के अनुसार इस पर गौर करेंगे। मोदी ने कहा शहाबुद्दीन और सुशासन साथ-साथ नहीं चल सकते।
केन्द्रीय खाद्य एवं जनवितरण मंत्री एवं लोजपा प्रमुख राम विलास पासवान ने जमानत पर रिहा हुए राजद के बाहुबली नेता मो0 शहाबुद्दीन की नीतीश कुमार के लिए ‘परिस्थितिवश मुख्यमंत्री’ टिप्पणी को सही ठहराते हुए आरोप लगाया कि यहां राज राजद प्रमुख लालू प्रसाद कर रहे हैं जबकि ताज नीतीश के माथे पर है।

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