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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कवेरी नदी जल विवाद और गहरा गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कर्नाटक में कावेरी होराता समिति ने मांड्या में बंद का आह्वान किया है। बंद को देखते हुए राज्य सरकार ने भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी है। सभी जगहों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
 राज्य में कावेरी होराता समिति ने मांड्या में तमिलनाडु को जोड़ने वाली सड़कों पर जाम लगा दिया है। होसुर बार्डर पर काफी संख्या में कई बसों, ट्रकों और वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। मांड्या में कृष्णा सागर डेम और बृंदावन गार्डन को चार दिनों के लिए आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। कर्नाटक के कानून मंत्री ने टीबी जयचंद्रा ने लोगों से अपील की है कि वो शांत रहें और कानून को अपने हाथ लेने की कोशिश न करें। जिले के स्कूल और कॉलेज आज बंद रहेंगे और राज्य परिवहन निगम की बसों को भी हाइवे पर जाने से रोक दिया गया है। सुरक्षा कारणों के मद्देनजर 700 के करीब केएसआरटीसी की सरकारी बसों को सड़कों से हटा लिया गया है. प्रदर्शनकारियों का हाइवे पर प्रदर्शन जारी है लेकिन अब तक यह शांतिपूर्वक रहा।
गौर हो कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अंतरिम आदेश में कर्नाटक सरकार से तमिलनाडु को अगले 10 दिन तक प्रतिदिन 15,000 क्यूसेक कावेरी जल छोड़ने को कहा था जिससे कुछ हद तक तमिलनाडु के किसानों की दशा सुधर सकती है। शीर्ष अदालत ने तमिलनाडु को कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) के अंतिम आदेश के अनुसार कावेरी जल की आपूर्ति बरकरार रखने के लिए तीन दिन में सुपरवाइजरी कमेटी से संपर्क करने का निर्देश दिया। पीठ ने तमिलनाडु को भी निर्देश दिया कि वह अंतरिम व्यवस्था के अनुसार केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी को उचित तरीके से पानी की आपूर्ति करे।

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