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केंद्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्‍ली में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की दृष्‍टांत पुस्‍तक अयोध्‍या के शूरवीरका लोकार्पण किया। इस पुस्‍तक में 5 जुलाई 2005 को रामजन्‍म भूमि- बाबरी मस्जिद परिसर पर आतंकी हमले को विफल बनाने में सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों के शौर्य का वर्णन है। परिसर की बाहरी बाधा को पार करते हुए 5 आतंकवादी आंतरिक बाधा की ओर बढ़ना चाहते थे। यहां पर सीआरपीएफ की 33वीं बटालियन की टुकडि़यां तैनात थीं। आतंकवादियों ने गर्भगृह को उड़ाने के इरादे से सीआरपीएफ के जवानों पर भारी हमला किया, हथगोले गिराए और रॉकेट दागे , लेकिन सीआरपीएफ के जवानों ने बदले की जोरदार और बहादुरीपूर्ण कार्रवाई करते हुए पांचों आतंकवादियों को एक घंटे की लड़ाई में मार गिराया। इस कार्रवाई में श्रद्धालु जखमी नहीं हुए। मारे गए आतंकवादियों के पास से हथियार और गोला बारुद बरामद किए गए।
असाधारण बहादुरी और शौर्य के लिए सीआरपीएफ के 20 अधिकारियों और जवानों को शौर्य पदक दिए गए। इसमें दो शौर्य चक्र, 6 बहादुरी के लिए राष्‍ट्रपति का पुलिस पदक और वीरता और पराक्रम के लिए 12 पुलिस पदक शामिल हैं।
दृष्‍टांत पुस्‍तक अयोध्‍या के शूरवीर के लोकार्पण के अवसर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक श्री के.दुर्गा प्रसाद और बल के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सीआरपीएफ अपने अधिकारियों और जवानों की बहादुरी और शौर्य पर दृष्‍टांत पुस्‍तकों की श्रृंखला शौर्य गाथाएं प्रकाशित कर रहा है। अब तक चार पुस्‍तकें- सरदार पोस्‍ट : एक शौर्य गाथा, वीर ब्रिघुनंदन, शूरवीर प्रकाश, जाबाज एलांगो प्रकाशित हुई हैं।

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