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नई दिल्ली  8 जुलाई 2016: ढाका आतंकी हमले के बाद चर्चा में आये मुस्लिम धर्मगुरु डॉक्टर जाकिर नाईक की मुसीबत बढ़ सकती है। राजनाथ सिंह ने कहा है कि नाईक के भाषणों की जांच होगी और उसके बाद कार्यवाही भी की जाएगी। ढाका हमले के बाद न सिर्फ नाईक और उनके संगठन को बैन करने की आवाज उठने लगी है, बल्कि महाराष्ट्र सरकार ने भी नाईक के भाषणों की जांच का आदेश भी दे दिए हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस आयुक्त को आदेश दिया है कि वो डॉक्टर ज़ाकिर नाईक पर लग रहे आरोपों की जांच कर रिपोर्ट दें।
इससे पहले गुरुवार को मुंबई में रज़ा अकादमी ने नाईक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने तुरंत डॉक्टर नाईक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी। कुछ साल पहले भी रज़ा अकादमी ने दफ़्तर के बाहर हंगामा किया था इसलिए ऐहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कहीं कोई अनहोनी ना हो। इतना ही नहीं पुलिस ने रज़ा अकादमी द्वारा शुक्रवार को आयोजित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इंकार कर दिया है।
शिवसेना ने भी डॉक्टर जाकिर नाईक की निंदा करते हुए भारत वापस आते ही उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। इलाके के शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने केंद्र को पत्र लिख कर मांग की है कि डॉक्टर जाकिर नाईक को भारत में वापस आने पर प्रतिबंध लगा दिया जाये।

डॉक्टर नाईक ने सऊदी से अपने ऊपर लग रहे आरोपों का खंडन करते हुए कुछ वीडियो क्लिप भेजी हैं। जिसमें वो भारतीय मीडिया को ही कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। वीडियो में वो कहते सुनाई पड़ रहे हैं कि उनपर लग रहे सब आरोप बेबुनियाद हैं, ये कहना कि मेरी वजह से आतंक फ़ैल रहा है ये मीडिया की शैतानी है।

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