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राष्‍ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने कल नई दिल्‍ली में संस्‍कृति मंत्रालय के अंतर्गत संगीत नाटक अकाद‍मी की अंगीभूत इकाई कथक केंद्र में स्‍वामी विवेकानंद सभागार का उद्घाटन किया। समारोह की अध्‍यक्षता संस्‍कृति और पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा ने की। इस अवसर पर संस्‍कृति मंत्रालय के सचिव श्री एन.के. सिन्‍हा, संगीत नाटक अकादमी के अध्‍यक्ष श्री शेखर सेन और अकादमी की उपाध्‍यक्ष श्रीमती अरुणा साईराम उपस्थित थीं। संगीत नाटक अकादमी भारतीय संस्‍कृति और विरासत को बढ़ावा देने और संरक्षित रखने के काम में प्रगति कर रहा है।
श्री प्रणब मुखर्जी ने कला और संस्‍कृति के क्षेत्र में उदाहरणीय नेतृत्‍व के लिए डॉ. महेश शर्मा और श्री शेखर सेन को बधाई दी। उन्‍होंने बताया कि कैसे नृत्‍य संगीत और नाटक के लिए संस्‍कृत की पुस्‍तक न्‍याय शास्‍त्र में ऑडोटोरियम या प्रेक्षागृह का उल्‍लेख मिलता है। उन्‍होंने कहा कि संगीत नाटक अकादमी ने कलाकारों, चिंतक और विद्वानों को जीवंत बौद्धिक स्‍थान दिया है। राष्‍ट्रपति ने स्‍वामी विवेकानंद की असाधारण प्रतिभा की चर्चा की और बताया‍कि स्‍वामी विवेकानंद पखावज बजाते थे और उनका संबंध प्रतिभा संपन्‍न संगीतकारों के परिवार से रहा। इसलिए इस ऑडोरियम को स्‍वामी जी के नाम से समप्रित करना सच्‍ची श्रद्धा  है।
डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि संस्‍कृति मंत्रालय हमेशा युवा कलाकारों और विद्यार्थियों की विशेष आवश्‍यकताओं को समर्थन देने में प्रयासरत है। मंत्रालय हजारों वर्ष की अपनी विरासत की खोज और कैसे गुरु शिष्‍य परंपरा नये नवाचारों प्रभावों और विचारों के माध्‍यम से कला रूप में जोड़ी  गई इसकी खोज में प्रयासरत रहा है। सभागार ध्‍वनि विज्ञान और वास्तुकला के श्रेष्‍ठ सिद्धांतों को ध्‍यान में रखकर बनाया गया है और यह कथक केंद्र के विद्यार्थियों और कला समुदाय के लिए विश्‍वस्‍तरीय सभागार है।

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