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रामचंद्र चिंतामण ढेरे मराठी के प्रसिद्ध लेखक का निधन हो गया। वे 86 साल के थे और पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे। उनका जन्म 1930 में पुणे जिले के निंगडे गांव में हुआ था। उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से साहित्य में पीएच. डी. की उपाधि हासिल की।
इन्होंने 100 से अधिक पुस्तकें लिखीं। 'श्री विट्ठल-एक महासमन्वयक' के लिए उन्हें साल 1987 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनकी प्रमुख रचनाओं मेंमुस्लिम मराठी संत कवि, ‘दक्षिणेचा लोकदेव खंडोबा नाथ सम्प्रदाय का इतिहास और श्री वेंकटेश्वरशामिल हैं।
उन्होंने महाराष्ट्र में लोक साहित्य और भक्ति परम्परा पर अपने व्यापक शोध किए, जो काफी चर्चित रहे।

उनके परिवार में उनकी पत्नी, 2 बेटियां और एक बेटा है। मराठी लेखिका अरुणा रामचंद्र ढेरे उन्हीं की पुत्री हैं। मराठी साहित्य जगत के साथ हिन्दी समेत तमाम साहित्य जगत ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

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